नई दिल्ली, 5 सितम्बर (अशोक “अश्क”) अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में देश की शीर्ष टेक कंपनियों के प्रमुखों के साथ एक विशेष डिनर का आयोजन किया। यह बैठक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अमेरिका की प्रगति, निवेश और भविष्य की रणनीतियों पर केंद्रित रही।

डिनर में शामिल दिग्गजों को ट्रंप ने ‘हाई IQ लोग’ कहकर संबोधित किया और कहा कि, “ये लोग हमारे देश को एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगे।” उन्होंने अमेरिका में हो रहे AI रिसर्च की जमकर सराहना की और कंपनियों द्वारा किए जा रहे बड़े निवेश को अमेरिका की तकनीकी बढ़त के लिए बेहद अहम बताया।
इस खास बैठक में मेटा, गूगल, एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियों के सीईओ मौजूद थे। ट्रंप ने खास तौर पर इस बात में रुचि दिखाई कि ये कंपनियां अमेरिका में कितना निवेश कर रही हैं।
मेटा के मार्क जुकरबर्ग और एप्पल के टिम कुक ने 600 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की।
गूगल के सुंदर पिचाई ने बताया कि उनकी कंपनी 250 अरब डॉलर का वार्षिक निवेश कर रही है।
माइक्रोसॉफ्ट के सत्या नडेला ने 80 अरब डॉलर प्रतिवर्ष के निवेश की जानकारी दी।
हालांकि, इस हाई-प्रोफाइल बैठक में एलन मस्क की गैरमौजूदगी ने ध्यान खींचा। कभी ट्रंप के करीबी माने जाने वाले मस्क के साथ उनके संबंधों में अब दूरी देखी जा रही है। मस्क की अनुपस्थिति में उनकी जगह पर OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने बैठक में हिस्सा लिया।
इस डिनर में शामिल टेक लीडर्स की सूची बेहद प्रभावशाली रही।
इसमें शामिल थे:
बिल गेट्स (माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक)
सर्गेई ब्रिन (गूगल के सह-संस्थापक)
ग्रेग ब्रॉकमैन (OpenAI)
साफरा कैट्ज (ओरैकल की CEO)
डेविड लिम्प (ब्लू ओरिजिन)
संजय मेहता (माइक्रोन)
श्याम शंकर (पालान्टिर)
अलेक्जेंडर वांग (स्केल AI)
बैठक के दौरान ट्रंप ने संकेत दिया कि उनका लक्ष्य है अमेरिका को AI और टेक्नोलॉजी में दुनिया का नंबर वन इनोवेशन हब बनाना। उन्होंने कहा कि यह “सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि अमेरिका की सुरक्षा और भविष्य की रणनीति का हिस्सा है।”
इस डिनर को तकनीकी दृष्टि से एक महत्वपूर्ण नीति-संकेतक बैठक माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में अमेरिका की AI नीति की दिशा तय कर सकती है।

