पटना, 6 सितंबर (अशोक “अश्क”) बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों को लेकर एनडीए और महागठबंधन के बीच सियासी सरगर्मी तेज होती जा रही है। दोनों ही गठबंधन अपनी रणनीति को मजबूत करने में जुटे हैं और कार्यकर्ता सम्मेलनों के जरिए चुनावी शंखनाद कर रहे हैं। इसी क्रम में एनडीए ने खगड़िया जिले के अलौली (सुरक्षित) विधानसभा क्षेत्र में सात सितंबर, रविवार को विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया है।

अलौली सीट फिलहाल राजद के कब्जे में है, जहां से फायरब्रांड नेता रामवृक्ष सदा विधायक हैं। वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर जदयू दूसरे स्थान पर रही थी जबकि लोजपा तीसरे स्थान पर खिसक गई थी। 2015 में यहां से राजद के चंदन राम ने जीत दर्ज की थी, जो अब जदयू में शामिल हो चुके हैं। ऐसे में एनडीए इस सीट को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है।
इस सम्मेलन का आयोजन अलौली क्षेत्र के सुंभा गाजीघाट स्थित सरस्वती मैदान में किया जा रहा है, जहां की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मैदान को एनडीए के झंडों, बैनरों और तोरणद्वारों से सजाया गया है। सम्मेलन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जदयू जिलाध्यक्ष बबलू कुमार मंडल, जदयू के विधानसभा प्रभारी नंदलाल राय सहित कई नेताओं ने छह सितंबर को स्थल का निरीक्षण किया।
जिलाध्यक्ष बबलू कुमार मंडल ने कहा कि यह सम्मेलन आगामी चुनाव में एनडीए कार्यकर्ताओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने दावा किया कि हर बूथ से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी होगी और यह सम्मेलन ऐतिहासिक सफलता दर्ज करेगा।
सम्मेलन में राष्ट्रीय और प्रांतीय स्तर के कई दिग्गज नेता शामिल होंगे। इनमें बिहार सरकार के मंत्री रत्नेश सदा, मंत्री जीवेश मिश्रा, सांसद लवली आनंद, सांसद जनार्दन सिग्रीवाल, जदयू के राष्ट्रीय महासचिव मनीष वर्मा, पूर्व सांसद कहकशां परवीन, लोजपा (रामविलास) के प्रदेश उपाध्यक्ष श्यामदेव पासवान, रालोमो महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष स्मृति कुमुद और हम (सेक्युलर) के प्रदेश अध्यक्ष सह विधायक डॉ. अनिल कुमार प्रमुख हैं।
दूसरी ओर, राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी भी अलौली सीट पर नजर गड़ाए हुए है। पार्टी सुप्रीमो पशुपति कुमार पारस अपने पुत्र यशराज पासवान को मैदान में उतारने की तैयारी में हैं।
अब देखना दिलचस्प होगा कि 2025 के चुनावी रण में अलौली से कौन-कौन से चेहरे ताल ठोकते हैं और किसके सिर जीत का सेहरा बंधता है। फिलहाल एनडीए इस सीट पर सियासी माहौल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।

