समस्तीपुर, 11 सितंबर (मोहम्मद जमशेद) जिले के रोसड़ा घाट रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव की मंजूरी मिलते ही इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई है। आम लोग इसे बड़ी उपलब्धि मानकर जश्न मना रहे हैं। हालांकि, इस ठहराव के पीछे रोसड़ा के युवाओं की लंबी मशक्कत और संघर्ष की अहम भूमिका रही है। ठहराव को लेकर युवाओं ने हस्ताक्षर अभियान, धरना और आंदोलन तक किया। बार-बार आश्वासन के बावजूद परिणाम नहीं मिल रहे थे। आखिरकार उनकी एकजुटता रंग लाई और मंजूरी मिल गई।

लेकिन अब स्थिति यह है कि ठहराव की घोषणा के बाद सभी ओर से वाहवाही लूटने की होड़ मच गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि “आज जिस ठहराव का फायदा सबको मिलेगा, उसके लिए सबसे ज्यादा मेहनत युवाओं ने की। नेताओं और अफसरों ने बस आखिरी वक्त पर श्रेय लेने का काम किया।” यात्रियों ने यह भी सवाल उठाया है कि “जब छोटी स्टेशन होने के बावजूद हसनपुर पर ज्यादा ट्रेनों का ठहराव है, तो रोसड़ा जैसे बड़े इलाके को अब तक यह सुविधा क्यों नहीं मिली?” लोगों का कहना है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। अब रोसड़ा और रुसेरा घाट से पटना और अन्य बड़े शहरों के लिए ट्रेनों का ठहराव जरूरी है। लोगों का कहना है कि रेलवे को ठहराव के साथ-साथ नई ट्रेनों की व्यवस्था भी करनी चाहिए, ताकि यात्रियों को सीधा फायदा मिले। खासकर छात्रों, नौकरीपेशा और व्यापारियों के लिए यह मांग बेहद अहम है।

