समस्तीपुर, 11 सितंबर (राजेश झा) शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत 125 विभिन्न प्राथमिक व मध्य विद्यालय में दूसरे दिन गुरुवार को सदाचार मुक्त माहौल में कक्षा 3,4,5,6 और 8 तक की अर्धवार्षिक परीक्षा दिया गया है। परीक्षा एक पाली में ली गई।पहली पाली में चेतना सत्र 12 बजे तक तथा दूसरी पाली की परीक्षा 1 बजे से 3 बजे तक ली गई। परीक्षा को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न करने के लिए विद्यालय प्रशासन लग रहा है।

वहीं परीक्षा को लेकर बच्चों मैं काफी उत्साह देखने को मिला। प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय कलवारा, मध्य विद्यालय बुनियादपुर, मध्य विद्यालय शिवाजीनगर, उत्क्रमित मध्य विद्यालय रामभद्रपुर, उत्क्रमित मध्य विद्यालय जंदाहा, मध्य विद्यालय बल्लीपुर, उत्क्रमित मध्य विद्यालय परशुराम, उत्क्रमित मध्य विद्यालय बांदा, उत्क्रमित मध्य विद्यालय रहटौली, प्राथमिक विद्यालय बंधार, प्राथमिक विद्यालय पुरन्दाही, प्राथमिक विद्यालय धोबियाही, प्राथमिक विद्यालय जगदर, प्राथमिक विद्यालय लालपुर उत्क्रमित मध्य सह उच्च माध्यमिक विद्यालय समेत सभी प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में अर्धवार्षिक परीक्षा छात्र-छात्राओं के द्वारा दिया गया। बीईओ रामजन्म सिंह ने कहा कि अर्धवार्षिक परीक्षा आयोजित किए जाने के दूसरे दिन भी विद्यालय का निरीक्षण किया गया जहां सभी विद्यालयों में कदाचार मुक्त परीक्षा का संचालन हो रहा था। पूर्व बीआरपी सह प्रधानाध्यापक बालमुकुंद सिंह ने कहा कि परीक्षा नियत समय से शुरू हुई। यह परीक्षा 15 सितंबर तक चलेगी। परीक्षा में वीक्षण कार्य के लिए सभी संकुल के विद्यालय एवं अन्य विद्यालयों से शिक्षकों को प्रतिनियोजित किया गया है। इस दौरान प्रदीप कुमार, प्रकाश कुमार, दर्शन मंडल, मोहम्मद जैनुद्दीन, सरिता कुमारी, रामनाथ पंडित, देवानंद कामत, राजकुमार राय, मदन कुमार, अशोक कुमार, दिलीप ठाकुर, विवेकानंद चौधरी, पारस नाथ महाराज, कोमल कुमारी, प्रियंका कुमारी, हीरानंद झा, सतनारायण आर्य, मृत्युंजय सिंह, दिनेश सिंह, संजीत पोद्दार, बिहारी दास समेत आदि शिक्षक उपस्थित थे। प्रथम पाली में चेतना सत्र दूसरी पाली में गणित का परीक्षा छात्र-छात्रा के द्वारा दिया गया। परीक्षा में 50 अंक का प्रश्न पूछा गया था। प्रश्न पत्र काफी हलुक था। इस अर्धवार्षिक मूल्यांकन के मद्देनजर प्रत्येक विद्यालय में पदस्थापित शिक्षकों को दूसरे विद्यालय में प्रतिनियुक्त किया गया है, ताकि परीक्षा में पारदर्शिता
बनी रहे। उन्होंने कहा कि इस अर्धवार्षिक परीक्षा के द्वारा बच्चों की शैक्षणिक स्थिति का मूल्यांकन किया जा सकेगा। अर्धवार्षिक परीक्षा को लेकर छात्र-छात्राओं में जहां सुबह से ही उत्सुकता का माहौल देखा गया।

