पटना, 11 सितंबर (अशोक “अश्क”) बिहार में चर्चित भ्रष्टाचार के मामले में फंसे इंजीनियर विनोद कुमार राय की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। करोड़ों रुपये जला देने वाले इस इंजीनियर के खिलाफ एक बार फिर से आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने शिकंजा कसा है। ताजा मामले में मंगलवार सुबह से ही पटना, समस्तीपुर और सीतामढ़ी में विनोद कुमार राय के तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की जा रही है।

इस बार ईओयू को राय के खिलाफ तीन करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित करने के सबूत मिले हैं। समस्तीपुर से जुड़े इस नए मामले में बिहार पुलिस मुख्यालय से आदेश मिलने के बाद जांच एजेंसी की कार्रवाई तेज हो गई है। EOU ने इस मामले में कांड संख्या-24/2025 दर्ज कर ली है।
बताया जा रहा है कि ईओयू की टीमें पटना के अगमकुआं, समस्तीपुर के आदर्श नगर और सीतामढ़ी के एक स्थान पर एक साथ छापेमारी कर रही हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कार्रवाई के दौरान कितनी संपत्ति बरामद हुई है। छापेमारी पूरी होने के बाद ही इसकी जानकारी मिल पाएगी।
गौरतलब है कि कुछ सप्ताह पहले ही विनोद कुमार राय को उस समय गिरफ्तार किया गया था जब उनके पटना स्थित आवास पर छापेमारी के दौरान उन्होंने अपनी पत्नी के साथ मिलकर करोड़ों रुपये जला दिए थे और कुछ नोट नाले में बहा दिए थे। यह मामला पूरे बिहार में सनसनी बन गया था। उस वक्त उनके खिलाफ लगभग 100 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप सामने आया था।
22 अगस्त को पटना के भूतनाथ रोड स्थित उनके आवास पर की गई रेड में जमीन से जुड़े कई दस्तावेज, अनेक बैंक खातों की जानकारी, एक लग्जरी कार, बीमा पॉलिसियों के दस्तावेज और करीब 26 लाख रुपये के गहने जब्त किए गए थे। जांच एजेंसी को पैसे छिपाकर रखने के लिए टंकी, शौचालय और किचन के पाइप का भी इस्तेमाल किया गया था।
अब एक बार फिर हुई इस बड़ी कार्रवाई ने यह संकेत दे दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार और जांच एजेंसियों का शिकंजा और भी मजबूत हो रहा है। विनोद कुमार राय जैसे प्रभावशाली अधिकारियों के खिलाफ लगातार हो रही कार्रवाई से यह संदेश भी जा रहा है कि अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
EOU की यह ताजा कार्रवाई अब तक की सबसे बड़ी छापेमारियों में से एक मानी जा रही है और इससे जुड़े अपडेट्स पर पूरे राज्य की नजर बनी हुई है।

