मतदाता सूची संशोधन पर सुप्रीम कोर्ट को चुनाव आयोग का जवाब: “संशोधन का समय तय करना अदालत का अधिकार नहीं”

नई दिल्ली, 14 सितंबर (अशोक “अश्क”) चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपने हलफनामे में स्पष्ट किया है कि उसे किसी भी तय अंतराल पर विशेष गहन संशोधन कराने के लिए अदालत बाध्य नहीं कर सकती। आयोग ने कहा कि मतदाता सूची तैयार करने और उसमें संशोधन करने का अधिकार संविधान और कानून के तहत केवल उसके पास निहित है, और इसमें अदालत का हस्तक्षेप आयोग की संवैधानिक स्वतंत्रता को प्रभावित करेगा।


यह बयान अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय द्वारा दाखिल जनहित याचिका के जवाब में आया है, जिसमें मांग की गई थी कि पूरे देश में नियमित अंतराल पर विशेष संशोधन कराए जाएं, ताकि अवैध प्रवासियों के नाम मतदाता सूची में शामिल न हो सकें। उपाध्याय ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और म्यांमार जैसे देशों से अवैध प्रवासी भारत में घुसपैठ कर रहे हैं और कुछ राज्यों की जनसंख्या व मतदाता सूची को विकृत कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि बिहार की हर विधानसभा सीट पर लगभग 8,000 से 10,000 फर्जी या दोहराए गए नाम हो सकते हैं।
आयोग ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 324, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम-1950 और मतदाता पंजीकरण नियम-1960 के तहत उसे मतदाता सूची को तैयार करने, संशोधित करने और सत्यापित करने का पूर्ण अधिकार प्राप्त है। आयोग का कहना है कि कानून में संशोधन के लिए किसी तय समयावधि का उल्लेख नहीं किया गया है और वह परिस्थितियों के अनुसार सारांश, गहन या विशेष संशोधन करने के लिए स्वतंत्र है।
चुनाव आयोग ने विपक्षी दलों की उस आलोचना पर भी प्रतिक्रिया दी जिसमें कहा गया था कि बिहार में चल रही विशेष संशोधन प्रक्रिया का इस्तेमाल मतदाता सूची को “पक्षपातपूर्ण” रूप देने के लिए किया जा रहा है। आयोग ने पलटवार करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को प्रदर्शन करने की बजाय, सही मतदाताओं की पहचान में आयोग की मदद करनी चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाया जा सके।
8 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने यह आदेश दिया था कि आधार कार्ड को मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए 12वें वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाए। इस पर आयोग ने पहले आरक्षण जताया था, लेकिन अदालत ने स्पष्ट किया कि भले ही आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं है, यह पहचान और निवास का वैध साक्ष्य जरूर है।
आयोग ने यह भी जानकारी दी कि वह 1 जनवरी 2026 को पात्रता तिथि मानते हुए विशेष गहन संशोधन की प्रक्रिया पहले ही निर्धारित कर चुका है। सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को तैयारी गतिविधियां शुरू करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। 10 सितंबर को दिल्ली में एक सम्मेलन आयोजित कर इन तैयारियों की समीक्षा की गई।
अंत में आयोग ने अपने हलफनामे में कहा कि वह मतदाता सूची की पवित्रता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार है, लेकिन सूची में संशोधन का समय और तरीका तय करने का विशेषाधिकार केवल उसी का है। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि उपरोक्त तथ्यों के आधार पर यह याचिका खारिज कर दी जाए।

More From Author

एशिया कप 2025: श्रीलंका की धमाकेदार जीत से ग्रुप-बी में बढ़ा रोमांच, बांग्लादेश पर टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा

रेल कारखाना पर 22 सितंबर से होगा अनिश्चितकालीन अनशन आंदोलन: पीओएच रेल डब्बा, भोला टाकीज-मुक्तापुर-अटेरन रेल गुमटी पर औवरब्रीज, कर्पूरीग्राम-ताजपुर-भगवानपुर नई रेल लाईन निर्माण है मुख्य मांग

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loader-image
Weather
Patna, IN
10:20 am, Nov 5, 2026
temperature icon 28°C
Smoky haze
Humidity: 50 %
Pressure: 1017 mb
Wind: 5 mph
Wind Gust: 16 mph
Clouds: 39%
Visibility: 5.7 km
Sunrise: 6:00 am
Sunset: 5:05 pm
  • Temperature
  • Precipitation
  • Rain Chance
  • Wind
  • Humidity
  • Pressure
11:00 am
temperature icon
29°/30°°C 0 mm 1% 5 mph 43% 1015 mb 0 cm
2:00 pm
temperature icon
27°/29°°C 0 mm 1% 6 mph 45% 1013 mb 0 cm
5:00 pm
temperature icon
23°/24°°C 0 mm 3% 6 mph 57% 1015 mb 0 cm
8:00 pm
temperature icon
21°/22°°C 0 mm 4% 5 mph 62% 1015 mb 0 cm
12:00 am
temperature icon
19°/20°°C 0 mm 4% 6 mph 64% 1014 mb 0 cm
3:00 am
temperature icon
18°/19°°C 0 mm 5% 5 mph 66% 1014 mb 0 cm
6:00 am
temperature icon
19°/23°°C 0 mm 4% 4 mph 63% 1017 mb 0 cm
9:00 am
temperature icon
25°/28°°C 0 mm 2% 5 mph 47% 1017 mb 0 cm