दोहा समिट में ‘इस्लामिक नाटो’ की चर्चा से भारत सतर्क, पाकिस्तान के इशारे पर भड़की नई बहस

नई दिल्ली, 17 सितंबर (अशोक “अश्क”) कतर की राजधानी दोहा में 60 मुस्लिम देशों की बैठक इजरायल के गाजा पर हमलों की निंदा के साथ खत्म हुई, लेकिन इसमें कोई बड़ा या निर्णायक प्रस्ताव पारित नहीं हो सका। हालांकि, एक औपचारिक प्रस्ताव के ज़रिए इजरायल की कार्रवाई की तुलना नरसंहार से की गई और उसकी आलोचना की गई। इस समिट में सबसे अहम बात जो उभरी, वह थी ‘इस्लामिक नाटो’ की कल्पना एक ऐसा सैन्य गठबंधन जो अमेरिका की अगुवाई वाले नाटो (NATO) जैसा हो।


यह विचार मिस्र और पाकिस्तान की ओर से सामने आया, जबकि तुर्की जैसे देशों ने इसका समर्थन करते हुए इसे गंभीरता से लेने की वकालत की। मिस्र ने यहां तक कहा कि इस proposed इस्लामिक नाटो का मुख्यालय उसके देश में स्थापित किया जा सकता है।
विश्लेषकों के अनुसार, इस्लामिक नाटो का आइडिया भले ही इजरायल के खिलाफ पेश किया गया हो, लेकिन इसके पीछे छिपा मकसद भारत को घेरने की कोशिश भी हो सकता है। पाकिस्तान ने इस प्रस्ताव के ज़रिए अप्रत्यक्ष रूप से भारत के खिलाफ मुस्लिम देशों से सामूहिक सुरक्षा की मांग की है।
नाटो के नियमों के अनुसार, अगर किसी एक सदस्य देश पर हमला होता है तो सभी सदस्य देश मिलकर जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं। ऐसे में अगर इस्लामिक नाटो अस्तित्व में आता है, तो पाकिस्तान को भारत के खिलाफ एक संयुक्त मुस्लिम समर्थन की उम्मीद हो सकती है।
तुर्की पहले से ही कश्मीर के मसले पर भारत विरोधी बयान देता रहा है। इस समिट में भी वह सक्रिय रहा और ‘इस्लामिक एकता’ की बात को हवा दी। ऐसे में यह आशंका भी जताई जा रही है कि इस्लामिक नाटो का प्रस्ताव भारत के खिलाफ भविष्य की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और विदेश मंत्री इशाक डार ने समिट में आक्रामक रुख दिखाया। उन्होंने इजरायल के खिलाफ टास्क फोर्स बनाने की मांग की और कहा कि “दुनिया की 1.8 अरब मुसलमान आबादी की नजर इस समिट पर है।” इशाक डार ने इजरायल को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि उसे मुस्लिम देशों पर हमले की छूट नहीं दी जा सकती।
हालांकि, पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और वह सऊदी अरब, कतर, यूएई, तुर्की और ईरान जैसे देशों के मुकाबले कमजोर कड़ी है। फिर भी वह इस्लामिक नेतृत्व का दावा करता रहा है – खासकर इस आधार पर कि वह इकलौता मुस्लिम परमाणु संपन्न देश है।
इस्लामिक नाटो की अवधारणा अभी केवल विचार स्तर पर है, लेकिन इसकी गंभीरता भारत के लिए चिंताजनक हो सकती है। अगर यह संगठन अस्तित्व में आता है और राजनीतिक एजेंडे के तहत काम करता है, तो दक्षिण एशिया में रणनीतिक संतुलन बदल सकता है। भारत को इस प्रस्ताव पर कड़ी निगाह रखने की ज़रूरत है।

More From Author

क्या आपने देखे हैं भारतीय पासपोर्ट के ये चार रंग? जानिए किसका क्या है मतलब

नीरज बनाम अरशद: वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में टकराएंगे भारत और पाकिस्तान के गोल्डन थ्रोअर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loader-image
Weather
Patna, IN
9:19 pm, Aug 9, 2026
temperature icon 32°C
Patchy rain nearby
Humidity: 61 %
Pressure: 1002 mb
Wind: 10 mph
Wind Gust: 14 mph
Clouds: 87%
Visibility: 10 km
Sunrise: 5:20 am
Sunset: 6:30 pm
  • Temperature
  • Precipitation
  • Rain Chance
  • Wind
  • Humidity
  • Pressure
12:00 am
temperature icon
30°/31°°C 0.01 mm 8% 8 mph 66% 1000 mb 0 cm
3:00 am
temperature icon
29°/30°°C 0.01 mm 13% 8 mph 72% 1000 mb 0 cm
6:00 am
temperature icon
30°/32°°C 0.17 mm 23% 13 mph 67% 1002 mb 0 cm
9:00 am
temperature icon
31°/32°°C 0.15 mm 18% 17 mph 64% 1003 mb 0 cm
12:00 pm
temperature icon
28°/30°°C 0.57 mm 32% 13 mph 74% 1001 mb 0 cm
3:00 pm
temperature icon
29°/31°°C 0 mm 9% 10 mph 69% 999 mb 0 cm
6:00 pm
temperature icon
29°/30°°C 0 mm 10% 8 mph 72% 1001 mb 0 cm
9:00 pm
temperature icon
29°/29°°C 0 mm 16% 8 mph 74% 1002 mb 0 cm