नई दिल्ली, 18 सितम्बर (अशोक “अश्क”) अमेरिका में चार्ली कर्क की हत्या के बाद राजनीतिक माहौल गरमाता जा रहा है। इस घटना के बाद से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचनाएँ बढ़ गई हैं, और अब पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की प्रतिक्रिया ने राजनीतिक माहौल को और भी तूल दे दिया है। ओबामा ने हाल ही में इस हत्या के संदर्भ में कहा कि यह अमेरिका के लिए एक “महत्वपूर्ण मोड़” है और ट्रंप प्रशासन ने देश को एकजुट करने के बजाय और अधिक विभाजित किया है।

एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, ओबामा ने पेंसिल्वेनिया के एरी शहर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि हमारी लोकतांत्रिक प्रणाली का केंद्रीय आधार यह है कि हम असहमत होने में सक्षम हों, लेकिन बिना हिंसा का सहारा लिए, गंभीर विवादों पर बहस करें। उन्होंने ट्रंप का बिना नाम लिए कहा कि यह रवैया “हम सभी के लिए खतरा” है। ओबामा ने कहा कि कर्क की हत्या और ट्रंप प्रशासन की बयानबाजी ने एक ऐसी भावना को बढ़ावा दिया है, जहां राजनीतिक विरोधियों को “कीड़े-मकोड़े” और “दुश्मन” के रूप में चित्रित किया जा रहा है, जो एक व्यापक समस्या की ओर इशारा करता है।
ओबामा ने 2015 में दक्षिण कैरोलिना के चार्ल्सटन चर्च में हुए आतंकवादी हमले और 11 सितंबर 2001 के हमलों के संदर्भ में भी बात की। उन्होंने कहा कि संकट के समय राष्ट्रपति का कर्तव्य होता है कि वह लोगों को एकजुट करें और उन्हें यह याद दिलाएं कि हम एक राष्ट्र के रूप में एकजुट हैं। ओबामा ने उस समय के रिपब्लिकन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश की कार्रवाइयों का उदाहरण देते हुए कहा कि उनका नेतृत्व हमें यह एहसास दिलाता है कि राजनीतिक विभाजन से ऊपर उठकर हमें एक-दूसरे का समर्थन करना चाहिए।
इस बयान के बाद, व्हाइट हाउस ने ओबामा की आलोचना करते हुए कहा कि वह खुद देश में शत्रुता और राजनीतिक विभाजन के लिए जिम्मेदार हैं। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने कहा कि ओबामा की टिप्पणियाँ “मौजूदा राजनीतिक विभाजन को बढ़ावा देने वाली” हैं और उन्होंने उन्हें “अमेरिका में आधुनिक राजनीतिक विभाजन का निर्माता” करार दिया।
इस बीच, काश पटेल, जो कि ट्रंप प्रशासन के एक पूर्व अधिकारी हैं, ने कांग्रेस के खिलाफ अपनी टिप्पणी जारी की और चार्ली कर्क की हत्या के बाद इस घटना के राजनीतिक निहितार्थ पर बात की। वह कांग्रेस के आलोचकों से सवाल पूछते हुए, इस हत्या को लेकर प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हैं।
चार्ली कर्क की हत्या के बाद अमेरिका में राजनीतिक माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया है। ओबामा और ट्रंप के बीच तकरार इस समय की गंभीर राजनीति को दर्शाता है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। यह घटनाएँ अमेरिका की राजनीति में एक नए मोड़ को दर्शाती हैं, जहां विभाजन और शत्रुता के बीच समझौते और एकजुटता की आवश्यकता महसूस हो रही है।

