नई दिल्ली, 20 सितम्बर (अशोक “अश्क”) मशहूर गायक और संगीतकार जुबीन गर्ग की स्कूबा डाइविंग के दौरान मौत ने संगीत प्रेमियों को झकझोर कर रख दिया है। 52 वर्षीय जुबीन गर्ग सिंगापुर में एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए गए थे, जहां उन्होंने स्कूबा डाइविंग के दौरान समुद्र की गहराई में उतरते समय सांस लेने में तकलीफ महसूस की। उन्हें तुरंत समुद्र से बाहर निकाला गया और नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

बताया जा रहा है कि जुबीन गर्ग नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल के लिए सिंगापुर पहुंचे थे और वहीं स्कूबा डाइविंग कर रहे थे। उनकी मौत का कारण डिकंप्रेशन सिकनेस हो सकता है, जो अक्सर स्कूबा डाइविंग के दौरान तब होता है जब गोताखोर तेजी से सतह पर वापस आता है। इससे शरीर में घुले नाइट्रोजन गैस के बुलबुले जोड़ों और दिमाग में बन जाते हैं, जो सांस की तकलीफ, दर्द, स्ट्रोक और यहां तक कि मौत का कारण बन सकते हैं।
क्या है डिकंप्रेशन सिकनेस?
डिकंप्रेशन सिकनेस एक गंभीर चिकित्सा स्थिति है, जिसमें शरीर के अंदर दबाव में घुली गैसें तेजी से सतह पर आने के कारण बुलबुले का रूप ले लेती हैं। इससे व्यक्ति को चक्कर, सांस लेने में दिक्कत, मानसिक भ्रम, स्ट्रोक या हार्ट फेल जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। स्कूबा डाइविंग में यह खतरा तब और बढ़ जाता है जब गोताखोर बिना पर्याप्त प्रशिक्षण या सुरक्षा उपायों के समुद्र की गहराई में उतरते हैं।
स्कूबा डाइविंग: रोमांच और जोखिम का मेल
स्कूबा डाइविंग एक रोमांचक गतिविधि है, जो समुद्र की गहराई में छिपे जीवन का अनूठा अनुभव देती है। लेकिन इसके लिए विशेष प्रशिक्षण, सुरक्षा उपकरण और सतर्कता बेहद जरूरी होती है। डाइविंग के दौरान मास्क, ऑक्सीजन टैंक, रेगुलेटर, फिन्स और बैकअप उपकरणों की जांच आवश्यक है।
भारत में प्रमुख स्कूबा डाइविंग स्थल:
गोवा: ग्रैंड आइलैंड और डेवी जोन्स लॉकर प्रमुख स्थल।
अंडमान-निकोबार द्वीप: साफ नीला पानी और विविध समुद्री जीवन के लिए प्रसिद्ध।
लक्षद्वीप: शांत वातावरण और उत्कृष्ट समुद्री पारिस्थितिकी।
पांडिचेरी: टेम्पल रीफ, रेविन्स और द होल जैसे प्रसिद्ध डाइविंग स्पॉट।
कर्नाटक (नेत्रानी द्वीप): जिसे कबूतर द्वीप भी कहा जाता है।
महाराष्ट्र (तारकरली): स्कूबा डाइविंग के साथ वॉटर स्पोर्ट्स का आनंद।
केरल (कोवलम): लाइटहाउस बीच पर रोमांचक अनुभव।
अगर सुरक्षा उपायों का पालन किया जाए, तो स्कूबा डाइविंग एक जीवन बदल देने वाला अनुभव बन सकता है। लेकिन जुबीन गर्ग की दुखद मौत हमें यह याद दिलाती है कि समुद्र की गहराई में उतरने से पहले सावधानी, प्रशिक्षण और सही उपकरण कितने जरूरी हैं।

