नई दिल्ली, 20 सितम्बर (अशोक “अश्क”) भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने शुक्रवार को एक अहम बयान में “ऑपरेशन सिंदूर” को लेकर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने यह सैन्य अभियान पूरी रणनीति और स्पष्ट लक्ष्य के साथ शुरू किया था और सिर्फ चार दिन में इसे सफलतापूर्वक समाप्त कर दिया गया।
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि 7 से 10 मई के बीच चले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में स्थित नौ बड़े आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। इनमें जैश-ए-मोहम्मद का बहावलपुर मुख्यालय और लश्कर-ए-तैयबा का मुरिदके ठिकाना भी शामिल था। इन ठिकानों से भारत-विरोधी आतंकवादी गतिविधियों को संचालित किया जा रहा था।

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा, “हमारा उद्देश्य आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करना था। हमने आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए और अपने सभी लक्ष्यों को प्राप्त कर लिया। जब उद्देश्य पूरे हो गए, तो युद्ध को जारी रखने का कोई औचित्य नहीं था। हर संघर्ष की एक कीमत होती है, जो हमारी सैन्य तैयारियों, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय प्रगति को प्रभावित करती है।”
उन्होंने कहा कि दुनिया को भारत से यह सीखना चाहिए कि युद्ध या संघर्ष कैसे शुरू किया जाए और उसे प्रभावी ढंग से जल्दी कैसे समाप्त किया जाए। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध और इजरायल-हमास संघर्ष का उदाहरण देते हुए कहा कि इन युद्धों के लंबे खिंचने का कारण स्पष्ट उद्देश्य की कमी और राजनीतिक अहंकार है।
एयर चीफ मार्शल सिंह ने इस बात पर भी जोर दिया कि “ऑपरेशन सिंदूर” को अंजाम देने के लिए वायुसेना को पूरी स्वतंत्रता दी गई थी और राजनीतिक नेतृत्व की ओर से कोई पाबंदी नहीं थी। उन्होंने बताया कि इस अभियान में भारत की वायु शक्ति की श्रेष्ठता स्पष्ट रूप से देखने को मिली। एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम के इस्तेमाल ने पाकिस्तान को चौंका दिया, क्योंकि इसकी क्षमता ने दुश्मन को बड़ी हानि पहुंचाई।
वायुसेना द्वारा जारी किए गए वीडियो में यह साफ देखा जा सकता है कि आतंकी संगठनों के कमांड और कंट्रोल सेंटर, उनके नेताओं के आवास और मुख्यालय पूरी तरह ध्वस्त कर दिए गए। पाकिस्तान की कई सैन्य सुविधाएं, जैसे रडार, हैंगर और एयरक्राफ्ट, भी इस अभियान में निशाना बने और गंभीर क्षति हुई।
बालाकोट एयरस्ट्राइक की सफलता पर सवाल उठाने वालों को जवाब देते हुए वायुसेना प्रमुख ने कहा कि इस बार पाकिस्तान को हुई क्षति के कुछ ग्राफिक विवरण भी जारी किए गए हैं, ताकि भ्रम की कोई गुंजाइश न रहे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत का उद्देश्य पाकिस्तान को हराना नहीं था, बल्कि आतंक के खिलाफ ठोस कार्रवाई करना था। एयर चीफ मार्शल ने कहा, “हमने कुछ लोगों को यह कहते सुना कि हमें थोड़ा और करना चाहिए था। लेकिन अगर हमारे उद्देश्य पूरे हो चुके थे, तो फिर युद्ध को लंबा खींचने का कोई कारण नहीं था।”
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने दो टूक कहा, “किसी भी संघर्ष की बहुत बड़ी कीमत होती है। अगर हम बिना वजह उसे जारी रखते, तो न केवल हमारी सैन्य तैयारियां प्रभावित होतीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और सामान्य प्रगति भी बाधित होती।”
वायुसेना प्रमुख के इस बयान ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब आतंक के खिलाफ ‘सटीक, तीव्र और निर्णायक’ नीति पर चल रहा है, जहां कार्रवाई केवल जवाबी नहीं, बल्कि रणनीतिक होती है और यही नीति भारत को वैश्विक मंच पर एक अलग पहचान दिला रही है।

