पटना, 22 सितंबर (निज संवाददाता) बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राज्य में सियासी समीकरणों का पुनर्गठन शुरू हो चुका है। कभी बीजेपी समर्थक माने जाने वाले भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव अब राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के करीब नजर आ रहे हैं। हाल ही में पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के साथ उनकी पर्यटन को लेकर साझा राय और आपसी तालमेल ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को हवा दे दी है।

खेसारी लाल यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बिहार के नौ शक्तिपीठों का उल्लेख करते हुए अफसोस जताया कि इन धार्मिक स्थलों की जानकारी और प्रचार-प्रसार बेहद सीमित है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि इन स्थलों को योजनाबद्ध तरीके से विकसित और प्रमोट किया जाए, तो धार्मिक पर्यटन के साथ रोजगार के भी व्यापक अवसर सृजित हो सकते हैं।
तेजस्वी यादव ने खेसारी की इस सोच से सहमति जताते हुए कहा कि बिहार में ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों की भरमार है। उन्होंने बताया कि अपने 17 महीनों के कार्यकाल में उन्होंने पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी खुद संभाली और बिहार की ब्रांडिंग पर जोर दिया। इसके परिणामस्वरूप 2023 में रिकॉर्ड 8 करोड़ 21 लाख पर्यटकों ने बिहार का दौरा किया।
नवरात्र के मौके पर खेसारी ने बिहारवासियों से शक्तिपीठों के दर्शन की अपील की, जिससे पर्यटन को गति मिले। तेजस्वी ने भी इसे एक सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि अभी भी इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें मिलकर साकार करना होगा।
भोजपुरी सितारों की राजनीति में सक्रियता भी अब आम बात बनती जा रही है। मनोज तिवारी, रवि किशन और दिनेश लाल निरहुआ की तरह अब पवन सिंह, रितेश पांडे और खेसारी लाल यादव भी राजनीति की मुख्यधारा में कदम रख रहे हैं। ऐसे में खेसारी की राजद से बढ़ती नजदीकियां आने वाले चुनावी समीकरणों में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।

