नई दिल्ली, 24 सितंबर (अशोक “अश्क”) भारतीय वायुसेना (IAF) के इतिहास में एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। 1963 से सेवा में रहे रूसी मिग-21 लड़ाकू विमान 26 सितंबर 2025 को आधिकारिक रूप से रिटायर हो जाएंगे। इनकी जगह भारत में बना स्वदेशी तेजस फाइटर जेट लेगा, जो आधुनिक तकनीक, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।

मिग-21 को कभी “फ्लाइंग कॉफिन” कहा गया था, क्योंकि इसके साथ हुई 400 से अधिक दुर्घटनाओं में 200 से अधिक पायलट शहीद हुए। हालांकि, युद्धभूमि में इसकी उपलब्धियां भी कम नहीं रहीं। 1971 के भारत-पाक युद्ध में इसने पाकिस्तानी सेबर जेट्स को गिराया और 1999 के कारगिल युद्ध में भी अहम भूमिका निभाई। भारत ने कुल 874 मिग-21 विमान खरीदे थे, जिनमें से आखिरी उन्नत ‘बाइसन’ संस्करण 2013 में सेवा में आया।
समय के साथ इन विमानों की उम्र और तकनीकी सीमाएं सामने आने लगीं। पुराने इंजन, कमजोर रडार और रखरखाव में चुनौतियों के चलते इनके दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ती गई। ऐसे में वायुसेना को एक आधुनिक, सुरक्षित और स्वदेशी विकल्प की जरूरत थी जिसका जवाब है तेजस।
तेजस का विचार 1980 के दशक में शुरू हुआ। इसे एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) ने डिजाइन किया और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने निर्मित किया। पहली उड़ान 2001 में हुई, लेकिन ऑपरेशनल मंजूरी 2015 में मिली।
अब तेजस का उन्नत संस्करण MK-1A सामने है, जिसमें AESA रडार, फ्लाई-बाय-वायर सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर क्षमताएं और आधुनिक हथियार प्रणाली शामिल है। जुलाई 2025 में इसका पहला उड़ान परीक्षण सफल रहा। वायुसेना ने 83 तेजस MK-1A का ऑर्डर दिया है, जिनमें से दो स्क्वाड्रन पहले से सक्रिय हैं।
तेजस की खासियत है इसकी बहुमुखी भूमिका यह एयर-टू-एयर, एयर-टू-ग्राउंड, जैमिंग और रिकॉनिसेंस ऑपरेशनों में सक्षम है। इसकी निर्माण लागत मिग-21 से कम है और इसमें 70% से अधिक स्वदेशी पार्ट्स हैं, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन को गति देते हैं।
विशेषज्ञ तेजस को 4.5 जेनरेशन फाइटर जेट मानते हैं, जो पाकिस्तान के JF-17 से भी अधिक सक्षम है। 2025 तक 83 तेजस विमान तैयार हो जाएंगे, जो चार स्क्वाड्रन बनाएंगे। तेजस MK-2 और नौसेना संस्करण पर भी काम चल रहा है।
मिग-21 ने भारत को लड़ना सिखाया, तेजस देश को खुद पर भरोसा करना सिखा रहा है। यह सिर्फ तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि आत्मगौरव और भविष्य की सुरक्षा की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है।

