पूर्णिया, 26 सितंबर (राजेश कुमार झा) ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते हुए वाहन का चालान तो रोज कटता है. लेकिन चालान के जमा नहीं होने से लोगों में आक्रोश है. कितने वाहनों का इंश्योरेंस एवं प्रदूषण फैल है.लेकिन जब वाहन मालिक अपना इंश्योरेंस एवं प्रदूषण बनवाने जाते है तो उनको कहा जाता है कि आपका चालान जमा नहीं है.

पहले परिवहन कार्यालय में चालान जमा करवाएं तो ही आपका इंश्योरेंस एवं प्रदूषण बनेगा.जब वाहन मालिक परिवहन कार्यालय जाते है तो उन्हें सर्वर डाउन होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है. दूसरी तरफ जब ट्रैफिक वाले उन्हें पकड़ते है तो वो फिर से चालान काटने की बात कहते है.बेचारा वाहन मालिक जाएं तो कहां जाये.बताते चलें कि तय समय सीमा में अगर वाहनों का चालान जमा नहीं हुआ तो परिवहन विभाग वाहन मालिक का ड्राइविंग लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन रद्द कर सकता है.अगर परिवहन विभाग ऐसी कारवाई करते है तो दोष किसका.ये सबसे बड़ा सवाल है.

