नई दिल्ली, 26 सितंबर (अशोक “अश्क”) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अब तुर्की पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। ओवल ऑफिस में तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन से मुलाकात के दौरान ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा कि जब तक रूस यूक्रेन पर हमला जारी रखे, तब तक तुर्की को रूसी तेल की खरीद बंद कर देनी चाहिए।

ट्रंप ने कहा, “मैं चाहता हूं कि जब तक रूस यूक्रेन के खिलाफ अपना कहर जारी रखे, तुर्की रूस से तेल खरीदना बंद कर दे। वे पहले से ही लड़ रहे हैं और लाखों लोगों की जान गंवा चुके हैं और आखिर किसलिए?”
यह बयान रूस पर दबाव डालने की अमेरिकी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके जरिए ट्रंप प्रशासन चाहता है कि मास्को युद्धविराम की ओर बढ़े।
इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि वह तुर्की पर लगाए गए रक्षा प्रतिबंधों को हटाने पर विचार कर सकते हैं। विशेष रूप से, उन्होंने अमेरिकी स्टील्थ फाइटर F-35 की बिक्री पर लगी रोक हटाने की बात कही।
गौरतलब है कि 2019 में अमेरिका ने तुर्की को F-35 कार्यक्रम से बाहर कर दिया था, क्योंकि तुर्की ने रूस से S-400 वायु रक्षा प्रणाली खरीदी थी। यह प्रतिबंध नाटो सहयोगी तुर्की के साथ अमेरिका के रिश्तों में बड़ी दरार की वजह बना था।
ट्रंप ने कहा, “अगर यह बैठक सफल रही तो हम रूसी S-400 को लेकर अंकारा पर लगे प्रतिबंध हटाने को तैयार हैं। मुझे लगता है कि एर्दोगन उन चीजों को खरीदने में सफल होंगे जो वह चाहते हैं।”
F-16 और पैट्रियट मिसाइल डील पर भी ट्रंप ने कहा कि इस पर संभवत: फिर से विचार किया जाएगा। बाइडन प्रशासन ने पैट्रियट मिसाइल की बिक्री रोक दी थी, लेकिन ट्रंप ने कहा कि “हम इस पर चर्चा करेंगे।”
ट्रंप ने एर्दोगन को “सख्त और राय रखने वाला व्यक्ति” बताया और कहा, “आमतौर पर मुझे राय रखने वाले लोग पसंद नहीं, लेकिन एर्दोगन मुझे हमेशा पसंद आए हैं।”
इस मुलाकात को अमेरिका-तुर्की संबंधों में नई दिशा देने वाला क्षण माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब दुनिया रूस-यूक्रेन युद्ध के जल्द समाधान की उम्मीद कर रही है।

