नई दिल्ली, 1 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) बॉलीवुड की धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित ने अपने करियर में जितनी बुलंदियों को छुआ, उतने ही उतार-चढ़ाव भी देखे। करियर की शुरुआत फ्लॉप फिल्मों से हुई, जिससे घरवालों की ताने सुनकर उन्होंने एक समय के लिए फिल्मों से दूरी भी बना ली थी। लेकिन 1988 में फिल्म तेजाब की ‘मोहिनी’ बनकर वह रातोंरात स्टार बन गईं। इसके बाद एक के बाद एक सुपरहिट फिल्मों ने उन्हें बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेस में शुमार कर दिया।

लेकिन इस सफलता के पीछे कई ऐसे किस्से हैं, जिन्हें कम ही लोग जानते हैं। साल 1989 में एक फिल्म शनाख्त के दौरान ऐसा ही एक विवाद सामने आया। इस फिल्म का निर्देशन टीनू आनंद कर रहे थे और इसमें अमिताभ बच्चन और माधुरी दीक्षित को लीड रोल में लिया गया था।
फिल्म के एक सीन में डायरेक्टर ने माधुरी से ब्लाउज उतारने की डिमांड की थी। टीनू आनंद के मुताबिक, उन्होंने यह सीन फिल्म साइन करने से पहले ही माधुरी को समझा दिया था। उनका तर्क था कि यह सीन कहानी की जरूरत है और इसे बेहद संवेदनशील तरीके से शूट किया जाएगा, लेकिन किसी भी चीज को छुपाया नहीं जाएगा।
पहले दिन जब यह सीन शूट होना था, माधुरी ने इससे इनकार कर दिया। टीनू आनंद ने उन्हें मनाने की कोशिश की लेकिन माधुरी अड़ गईं। डायरेक्टर ने साफ कह दिया, “या तो सीन करो या फिल्म छोड़ दो।” मामला बढ़ता देख अमिताभ बच्चन ने भी बीच-बचाव किया और कहा, “रहने दो, अगर उसे आपत्ति है तो मत करो।”
बाद में माधुरी के सेक्रेटरी ने आकर कहा कि वह सीन करने के लिए तैयार हैं। हालांकि फिल्म शनाख्त बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हुई और आज उस सीन की चर्चा इतिहास के एक विवादास्पद किस्से के रूप में होती है।
माधुरी दीक्षित ने हमेशा अपनी शालीन छवि बनाए रखी है और यह वाकया इस बात का उदाहरण है कि एक कलाकार कैसे अपनी सीमाएं तय करता है, भले ही उसके लिए किसी फिल्म से हाथ धोना पड़े।

