नई दिल्ली, 15 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) सुप्रीम कोर्ट ने इस बार दिवाली पर दिल्ली-एनसीआर के लोगों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने ग्रीन पटाखों जलाने की सशर्त अनुमति दे दी है। चीफ जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि लोग सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे के बीच ग्रीन पटाखे जला सकेंगे।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखों की बिक्री ही बाजार में मान्य होगी। पुलिस गश्ती दल यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई अवैध पटाखा न बिके और नियम तोड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने ई-कॉमर्स वेबसाइटों जैसे अमेजन और फ्लिपकार्ट पर पटाखों की बिक्री को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है।
बेंच ने कहा कि परंपरागत पटाखों की तस्करी अब भी एक गंभीर समस्या है। कई बार ये पटाखे ग्रीन लेबल लगाकर बेचे जाते हैं, जिससे प्रदूषण नियंत्रण के प्रयास विफल होते हैं। कोर्ट ने उद्योग और पर्यावरण के बीच संतुलन जरूरी बताया।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा सुरक्षा उपायों का भरोसा दिए जाने के बाद कोर्ट ने ग्रीन पटाखों की सीमित अनुमति दी। अब केवल लाइसेंस प्राप्त व्यापारी ही प्रमाणित निर्माताओं के ग्रीन पटाखे बेच सकेंगे। इसके लिए NEERI और PESO से स्वीकृति जरूरी होगी।
हरियाणा के 14 एनसीआर जिलों सहित पूरे एनसीआर में यह आदेश लागू रहेगा। कोर्ट ने याद दिलाया कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत नागरिकों को स्वस्थ और प्रदूषण मुक्त वातावरण में जीने का अधिकार है।
यह फैसला पर्यावरण सुरक्षा के साथ धार्मिक स्वतंत्रता के बीच संतुलन साधने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

