पूर्णिया, 08 नवंबर (राजेश कुमार झा) बिहार विधानसभा चुनाव में दूसरे चरण के मतदान को लेकर सभी दलों ने अपने स्टार प्रचारक को उतार दिया है.सभी दल अपनी जीत के लिए जनता से तरह तरह के वादे करते दिख रहे है.एनडीए भी अपने स्टार प्रचारकों को चुनावी मैदान ने उतार दिया है.

एनडीए भी अपने 2020 विधानसभा चुनाव में 9 सीटों की जीत का रिकॉर्ड को तोड़ना चाह रही है.दूसरी तरफ महागठबंधन भी अपने पिछले 10 सीटों की जीत के रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए बेताब है.इस बार एनडीए ने मोदी,अमित और योगी जैसे स्टार प्रचारकों के जरिय सीमांचल के सभी 24 सीटों को साधने की पूरी तैयारी में जुट गए है.

लेकिन इन तीनों के जादू का असर कितना हुआ ये तो 14 नवम्बर के दिन पता लगेगा.बताते चलें कि सीमांचल में कुल 24 विधानसभा है.जिसमें 12 विधानसभा ऐसे है.जहां मुस्लिम मतदाता ही हार और जीत का फैसला करने में अहम भूमिका निभाते है.

लेकिन इस बार सीमांचल के इन 12 कई विधानसभा में रिजल्ट अप्रत्याशित होने की उम्मीद जताई जा रही है.क्योंकि मोदी,योगी और अमित शाह के कार्यक्रम के बाद सूरतें बदलती हुई दिखने लगी है.

दूसरी तरफ नीतीश की अपनी एक अलग छवि के कारण भी कुछ फायदा एनडीए की मिल सकता है.लेकिन महागठबंधन भी अपने पिछले 10 सीटों से अधिक लेने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है.जनता ये कह रही है कि तेजस्वी अभी जवान है.उनके सामने बिहार को विकास करने के लिए काफी वक्त है.एक बार मौका मिलना चाहिए़.

