पटना (अशोक “अश्क”) बिहार के लाखों शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। शिक्षा विभाग जल्द ही तबादला प्रक्रिया को नए सिरे से शुरू करने जा रहा है। विभाग ने घोषणा की है कि जिला स्तरीय स्थापना समिति के माध्यम से शिक्षकों को इसी माह से तबादले का मौका मिलेगा। एक सप्ताह के भीतर इस संबंध में विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी जाएगी, जिसमें आवेदन प्रक्रिया और नियमों की पूरी जानकारी होगी।

शिक्षा विभाग की इस पहल से उन शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी, जो लंबे समय से अपने तबादले का इंतजार कर रहे हैं। वर्तमान में राज्य भर में एक लाख से अधिक शिक्षक तबादले के लिए आवेदन की प्रतीक्षा में हैं। इनमें अंतरजिला ट्रांसफर चाहने वालों की संख्या सबसे अधिक है।
सरकार ने हाल ही में शिक्षक तबादला प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय जिला स्तरीय समिति का गठन किया है। इसी समिति के माध्यम से अब जिलों में शिक्षकों के तबादले होंगे। जो शिक्षक एक जिले से दूसरे जिले में ट्रांसफर चाहेंगे, उनसे तीन जिलों का विकल्प मांगा जाएगा। समिति इन्हीं विकल्पों के आधार पर तबादले की अनुशंसा करेगी और उन्हीं में से किसी एक जिले में उनका ट्रांसफर किया जाएगा।
अब तक राज्य के विभिन्न जिलों में 23,578 शिक्षकों का म्युच्युअल ट्रांसफर किया जा चुका है। यह प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी हुई है। इसमें एक ही कोटि के दो शिक्षक आपसी सहमति से एक-दूसरे की जगह स्थानांतरण लेते हैं। हालांकि शिक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में म्युच्युअल ट्रांसफर की सुविधा समाप्त कर दी जाएगी।
फिलहाल यह विकल्प अभी खुला है और इच्छुक शिक्षक ई-शिक्षा कोष पोर्टल के माध्यम से इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। जैसे ही नई गाइडलाइन जारी होगी, म्युच्युअल ट्रांसफर का विकल्प बंद कर दिया जाएगा और सभी तबादले जिला समिति की अनुशंसा के अनुसार होंगे।
शिक्षा विभाग की इस नई व्यवस्था से तबादला प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होने की उम्मीद है।

