नई दिल्ली, 11 नवंबर (अशोक “अश्क”) आतंकवाद को बढ़ावा देने में लिप्त पाकिस्तान मंगलवार को खुद एक भीषण आतंकी हमले का शिकार हो गया। राजधानी इस्लामाबाद के जी-11 क्षेत्र में हुए आत्मघाती धमाके में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए हैं। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास की इमारतों और वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा। यह विस्फोट स्थानीय कोर्ट के पास हुआ, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका दोपहर के समय हुआ जब क्षेत्र में लोगों की आवाजाही अधिक थी। सुरक्षाबलों ने मौके पर पहुंचकर इलाके को घेर लिया और राहत कार्य शुरू कर दिया। बम धमाके की वीडियो क्लिप्स सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिनमें घटना स्थल से उठते धुएं के गुबार और आग की लपटें साफ दिखाई दे रही हैं।
घटना पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। वहीं रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इस हमले को “*वेक-अप कॉल” बताते हुए अप्रत्यक्ष रूप से *अफगानिस्तान पर जिम्मेदारी डाल दी। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में “काबुल के शासकों के साथ सफल समझौतों की उम्मीद व्यर्थ है।”
इस्लामाबाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शहर में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया है। यह हमला पाकिस्तान में बढ़ती आतंकी घटनाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

