पटना, 15 नवम्बर (पटना डेस्क) राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की पुत्री रोहिणी आचार्या ने राजनीति छोड़ने और परिवार से दूरी बनाने का एलान कर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। रोहिणी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह राजनीति से अलग हो रही हैं और अपने परिवार से भी नाता तोड़ रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह वही बात है, जिसे संजय यादव और रमीज़ ने उन्हें कहने को कहा था। साथ ही उन्होंने हार की ओर संकेत करते हुए खुद को जिम्मेदार बताया।

जानकारी के अनुसार, रोहिणी आचार्या लंबे समय से तेजस्वी यादव के करीबी राज्यसभा सांसद संजय यादव की पार्टी में बढ़ती दखलंदाजी से नाराज़ थीं। 18 सितंबर को भी उन्होंने एक पोस्ट शेयर करते हुए संजय यादव को निशाने पर लिया था। उस पोस्ट में लिखा था कि शीर्ष नेतृत्व की फ्रंट सीट किसी और के लिए नहीं होती, और यदि कोई खुद को नेतृत्व से ऊपर समझे, तो उसका परिणाम सामने आएगा। रोहिणी ने जोड़ा था कि उनका आत्म-सम्मान सर्वोपरि है।
रोहिणी ने कुछ समय पहले अपने पिता को किडनी दान देने वाला वीडियो शेयर करते हुए लिखा था कि वह एक बेटी और बहन के तौर पर अपना धर्म निभाती रही हैं और आगे भी निभाती रहेंगी। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी पद या राजनीतिक महत्वाकांक्षा की इच्छा नहीं है। उनकी यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है, जहां समर्थक उनकी कुर्बानी और साहस की सराहना कर रहे हैं।
इधर, रोहिणी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए RJD सांसद संजय यादव ने कहा कि रोहिणी दीदी के बयान के संदर्भ को पार्टी भली-भांति समझती है। उन्होंने दावा किया कि RJD पूरी तरह एकजुट है और किसी तरह का भ्रम या मतभेद नहीं है।

