नई दिल्ली, 21 नवम्बर (अशोक “अश्क”) बिहार विधानसभा चुनाव में 238 सीटों पर उतरकर एक भी सीट न जीत सकने वाली जन सुराज पार्टी (जेएसपी) अब नए सिरे से खुद को खड़ा करने की तैयारी में है। पार्टी के मुख्य संरक्षक प्रशांत किशोर (पीके) ने चुनावी हार की जिम्मेदारी लेते हुए शुक्रवार को बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि वे दिल्ली का एक घर परिवार के लिए छोड़कर अपनी पूरी चल-अचल संपत्ति पार्टी को दान कर देंगे। साथ ही अगले 5 वर्षों तक अपनी कमाई का 90% हिस्सा जन सुराज पार्टी को देने की भी घोषणा की।

चंपारण के गांधी आश्रम में 24 घंटे का प्रायश्चित उपवास तोड़ने के बाद पीके ने कहा कि 15 जनवरी से पार्टी नया अभियान शुरू करेगी। उन्होंने बताया कि जन सुराज के कार्यकर्ता अब बिहार के 1 लाख 18 हजार वार्डों में जाकर सरकार की योजनाओं का लाभ महिलाओं तक पहुंचाने में भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा घोषित मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 10 हजार रुपये बिना शर्त दिए जाने हैं, जबकि 2 लाख रुपये के लिए अफसर शर्तें बता रहे हैं। पीके ने कहा कि जन सुराज कार्यकर्ता डेढ़ करोड़ महिलाओं का फॉर्म भरवाकर जमा करवाएंगे, ताकि या तो उन्हें 2 लाख रुपये मिले या फिर “सबक मिले कि भविष्य में वोट बेचना नहीं है।”
प्रशांत किशोर ने संसाधनों की कमी का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी को चलाने के लिए आर्थिक सहयोग जरूरी है। उन्होंने जनता से भी वर्ष में कम से कम 1000 रुपये दान करने की अपील की। साथ ही कहा कि आगे वे सिर्फ उन्हीं लोगों से मुलाकात करेंगे, जो जन सुराज को यह न्यूनतम सहयोग देंगे।
पीके ने कहा कि “अब असली संघर्ष की शुरुआत है”, और जन सुराज को एक मजबूत विकल्प बनाने के लिए वे पूरी तरह समर्पित रहेंगे।

