समस्तीपुर, 24 नवम्बर (मोहम्मद जमशेद) समस्तीपुर सदर अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड का संचालन अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही का शिकार हो गया है। यहां मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ का गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक ही डॉक्टर लगातार 30 घंटे तक चार शिफ्ट में ड्यूटी कर रहे हैं। नियम के अनुसार किसी भी चिकित्सक से आठ घंटे से अधिक ड्यूटी नहीं ली जानी चाहिए, लेकिन इमरजेंसी वार्ड में डॉ. संतोष कुमार झा अपनी शिफ्ट के अलावा तीन अन्य डॉक्टरों की भी ड्यूटी करते आ रहे हैं।

प्रतिदिन करीब 150 गंभीर मरीज इमरजेंसी में पहुंचते हैं, ऐसे में इलाज की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
चिकित्सकों को अस्पताल के आसपास आवास लेकर रहने का प्रावधान है, परंतु डॉ. झा दरभंगा से रोज आना-जाना करते हैं। ड्यूटी रोस्टर भी पूरी तरह ध्वस्त है। 22 और 23 नवंबर को जिन डॉक्टरों की शिफ्ट थी, उनकी जगह भी डॉ. झा ने ही ड्यूटी की। यह ‘एकल डॉक्टर मॉडल’ लंबे समय से चल रहा है।
सीसीटीवी और मुख्यालय स्तरीय मॉनिटरिंग के बावजूद अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। स्वास्थ्य विभाग की साप्ताहिक 48 घंटे ड्यूटी के निर्देशों के बीच इमरजेंसी में लगातार चार शिफ्ट काम करना गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में तत्काल जांच और कड़ी कार्रवाई जरूरी है ताकि मरीजों की जान जोखिम में न पड़े।

