पूर्णिया (राजेश कुमार झा) कहीं चाय की चुस्की तो कहीं पान की मिठास,कहीं गरम गरम कचड़ी की महक तो कहीं हाथ में खैनी की ताल ठोकते हुए बुजुर्ग के साथ बिफोरप्रिंट डिजिटल अपनी इस चुनावी सफर में पूरे बिहार के सभी विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर,क्षेत्र के वर्तमान विधायक एवं अपनी दावेदारी रखने वाले उम्मीदवार को जनता के मिजाज से रूबरू करा रहे है.

आज इसी कड़ी में हम आपको पूर्णिया जिले के सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र बनमनखी की जनता के मिजाज से रूबरू कराते है. बताते चलें कि ये विधानसभा क्षेत्र को यूं तो बीजेपी का गढ़ कहा जाता है.लेकिन पिछले 2024 के लोकसभा चुनाव में ये मिथक भी टूट गई.बीजेपी का भ्रम भी टूट गया.जो बीजेपी इस विधानसभा क्षेत्र को अपना गढ़ मानती थी.उसी विधानसभा क्षेत्र की जनता ने पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी समर्थित उम्मीदवार को पूरी तरह नकार दिया.इसलिए अब ये सीट को बीजेपी का गढ़ कहना पूरी तरह ठीक नहीं है.ये यहां की जनता का मिजाज बोल रहा है.दूसरी तरफ महागठबंधन ने इस सुरक्षित सीट को जीतने के लिए अपनी पूरी प्लानिंग के तहत पंचायत एवं गांव स्तर पर छोटी छोटी बैठक के रास्ते अपनी आवाज जनता को पहुंचा रही है.जिससे जनता अभी ये सोच रही है कि टिकट किसे मिलता है.यूं तो वर्तमान बीजेपी विधायक कृष्ण कुमार ऋषि के खिलाफ एंटी इनकंबेंशी काम कर रही है.
जनता को अगर कोई अच्छा विकल्प मिल जाता है तो रिजल्ट भी बदल सकता है. बीजेपी अगर वर्तमान का टिकट काटती है और किसी दूसरे चेहरे की मौका देती है तो फिर रिजल्ट भाजपा के हाथों से छिनना थोड़ा मुश्किल होगा. दूसरी तरफ बिहार की राजनीत में नई इंट्री मारने वाली जनसुराज को लेकर लोगों में कोई खास उत्साह नहीं देखने को मिला.वहां की जनता जनसुराज को कोई खास नोटिस नहीं दे रही है.

