
पटना, 22 दिसम्बर (पटना डेस्क) गया जी में हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के कार्यक्रम के दौरान पार्टी के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। खुले मंच से दिए गए उनके बयान ने बिहार की राजनीति में हलचल तेज कर दी है।मांझी ने सार्वजनिक रूप से कहा कि देश के सभी सांसद और विधायक अपने विकास फंड से कमीशन लेते हैं। इतना ही नहीं उन्होंने अपने बेटे और बिहार सरकार में मंत्री संतोष कुमार सुमन को भी यही करने की सलाह दे डाली।

कार्यक्रम के दौरान मांझी ने तर्क दिया कि पार्टी को मजबूत करने के लिए पैसों की जरूरत होती है और इसके लिए कमीशन की व्यवस्था आम बात है। उन्होंने दावा किया कि सांसदों को मिलने वाले पांच करोड़ रुपये के फंड में से यदि दस प्रतिशत कमीशन लिया जाए तो चालीस–पचास लाख रुपये आसानी से निकल आते हैं।मांझी ने यह भी कहा कि वे स्वयं अपने सांसद फंड से मिलने वाली कमीशन की राशि पार्टी को दे चुके हैं और आगे भी देंगे। मंच से उन्होंने कहा कि अगर तुम कमीशन नहीं वसूल रहे हो तो यह तुम्हारी गलती है।उन्होंने आगे जोड़ा कि पार्टी चलाने के लिए पैसा चाहिए। दस प्रतिशत नहीं मिल रहा तो पांच प्रतिशत ही ले लो और काम चलाओ।

मांझी ने यह भी कहा कि किसी छोटी पार्टी के लिए अस्सी लाख रुपये कोई छोटी रकम नहीं होतीअपने बयान के बाद मांझी ने कार्यक्रम में मौजूद पत्रकारों से अपील की कि उनकी बातों को गलत तरीके से पेश न किया जाए। उन्होंने कहा कि यह कोई छिपी सच्चाई है।

