
बक्सर, 02 जनवरी (विक्रांत) केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना के तहत महाराष्ट्र के पालघर में पहली पर्वतीय सुरंग एमटी-5 की खुदाई में उल्लेखनीय सफलता की घोषणा की। यह सुरंग विरार और बोइसर स्टेशनों के बीच लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी है और महाराष्ट्र की सबसे लंबी सुरंगों में से एक मानी जाती है।

एमटी-5 सुरंग की खुदाई दोनों सिरों से 18 महीने में अत्याधुनिक ड्रिल और ब्लास्ट तकनीक से पूरी की गई। इस प्रक्रिया में रियल टाइम निगरानी के साथ शॉटक्रेट, रॉक बोल्ट और लैटिस गर्डर जैसी सहायक प्रणालियां लागू की गईं। सुरंग निर्माण के दौरान वायु-संचार, अग्नि सुरक्षा और सुरक्षित प्रवेश-निकास जैसे सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया।श्री वैष्णव ने कहा कि बुलेट ट्रेन परियोजना से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा समय घटकर सिर्फ 1 घंटा 58 मिनट रह जाएगा। उन्होंने बताया कि परियोजना पूरी होने पर दो प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों की अर्थव्यवस्थाओं में सीधा संपर्क स्थापित होगा, आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में लगभग 95 प्रतिशत कमी आएगी।

महाराष्ट्र में कुल सात पर्वतीय सुरंगों पर निर्माण कार्य चल रहा है। इनमें एमटी-1 से एमटी-7 तक विभिन्न लंबाई की सुरंगें शामिल हैं, जिनमें कुल लगभग 6 किलोमीटर निर्माण कार्य पूरा हुआ है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना कुल 508 किलोमीटर लंबी है, जो अहमदाबाद से मुंबई तक प्रमुख शहरों को जोड़ते हुए भारतीय परिवहन अवसंरचना में परिवर्तनकारी उपलब्धि साबित होगी।

