
नई दिल्ली, 05 जनवरी (अशोक “अश्क”) कोलकाता से वाराणसी के लिए रवाना हुआ देश का लग्जरी गंगा विलास क्रूज अपनी यात्रा पूरी नहीं कर सका। पटना से आगे गंगा नदी में कई स्थानों पर जलस्तर कम मिलने के कारण क्रूज को वहीं से वापस लौटना पड़ा। क्रूज में सवार जर्मनी, स्विट्जरलैंड और अमेरिका के 30 विदेशी पर्यटकों को सड़क मार्ग से वाराणसी पहुंचाया गया।

गंगा विलास क्रूज 12 नवंबर को कोलकाता से वाराणसी के लिए रवाना हुआ था। इस यात्रा में कुल 15 ठहराव स्थल तय किए गए थे। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद, मायापुर, मटियारी, फरक्का, झारखंड के साहिबगंज और बिहार के सेमरिया व मुंगेर होते हुए क्रूज पिछले महीने पटना पहुंचा था। इन सभी ठहरावों पर पर्यटकों ने धार्मिक, पौराणिक और ऐतिहासिक स्थलों के साथ स्थानीय संस्कृति का आनंद लिया।पटना से वाराणसी के बीच बक्सर, बलिया, गाजीपुर, चंदौली समेत सात स्थानों पर जलस्तर क्रूज संचालन के अनुकूल नहीं पाया गया। हेरिटेज रिवर जर्नी (अंतरा) के निदेशक राज सिंह ने बताया कि इसी कारण दो दिन पहले जलयान को पटना से वापस कर दिया गया।

इसके बाद सभी पर्यटकों को सड़क मार्ग से वाराणसी भेजा गया।वाराणसी पहुंचकर पर्यटक काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करेंगे, सारनाथ और अन्य प्रमुख स्थलों का भ्रमण करेंगे तथा दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती भी देखेंगे। इनमें से 25 पर्यटक आगे लौट जाएंगे, जबकि पांच वाराणसी में ठहरेंगे।गौरतलब है कि गंगा विलास का उद्घाटन 13 जनवरी 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। गंगा में ड्रेजिंग के दावों के बावजूद जलस्तर की समस्या ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

