
पटना, 20 फरवरी (अविनाश कुमार) राजधानी पटना में जहानाबाद की रहने वाली एक NEET छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। शुरुआती जांच पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए Central Bureau of Investigation (CBI) ने पोस्टमॉर्टम और FSL रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि के बावजूद मामले को आत्महत्या मानने की कोशिश पर कड़ी आपत्ति जताई है।

CBI ने कदमकुआं थाने के निलंबित दारोगा हेमंत झा से करीब चार घंटे तक पूछताछ की। उनसे सवाल किया गया कि 6 जनवरी को छात्रा को प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में भर्ती कराए जाने और सूचना मिलने के बावजूद पुलिस ने तत्परता क्यों नहीं दिखाई? छात्रा के कपड़े जब्त क्यों नहीं किए गए और किस आधार पर परिजनों को सौंप दिए गए? साथ ही चित्रगुप्तनगर थाना की SHO रोशनी कुमारी के साथ समन्वय को लेकर भी सवाल उठे। दोनों अधिकारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।

जांच एजेंसी तीसरी बार जहानाबाद के मखदुमपुर ब्लॉक स्थित इस्माइलपुर गांव पहुंची, जहां छात्रा के मामाओं से अलग-अलग पूछताछ की गई। सूत्रों के अनुसार, हॉस्टल प्रबंधन द्वारा केस ‘मैनेज’ करने और पैसों का ऑफर देने के आरोपों की भी जांच हो रही है। हालांकि CBI ने आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।इस बीच परिवार को मिल रही धमकी भरी पर्चियों ने रहस्य और गहरा दिया है। हैंडराइटिंग मिलान के लिए FSL टीम सैंपल जुटा चुकी है। छात्रा के भाई का मोबाइल भी बरामद कर कॉल डिटेल्स, चैट्स और लोकेशन का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। CCTV और DVR की फोरेंसिक जांच जारी है।6 जनवरी को मुन्ना चक स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में बेहोश मिली छात्रा की मौत अब कई अनुत्तरित सवाल छोड़ गई है, जिनके जवाब तलाशने में CBI जुटी है।

