
पटना, 18 फरवरी (अविनाश कुमार) राजधानी के शंभू हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही छात्रा के कथित रेप और संदिग्ध मौत मामले ने तूल पकड़ लिया है। बढ़ते जनदबाव और राजनीतिक हलचल के बीच राज्य सरकार की सिफारिश पर जांच अब CBI के तेजतर्रार अधिकारी राजीव रंजन को सौंप दी गई है। हाई-प्रोफाइल मामलों में सख्त कार्रवाई के लिए मशहूर राजीव रंजन की एंट्री से केस में नई दिशा की उम्मीद जगी है।

रोहतास (सासाराम) के अमंडेरी गांव के निवासी राजीव रंजन 2005 बैच के सिक्किम कैडर के IPS अधिकारी हैं। एक शिक्षक के बेटे रंजन ने नोखा, आरा और पटना में शिक्षा हासिल की और UPSC क्रैक कर आईपीएस बने। CBI में यह उनका दूसरा कार्यकाल है। इससे पहले वे ACB कोलकाता, ACB भुवनेश्वर और स्पेशल क्राइम यूनिट में अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। 950 करोड़ रुपये के चर्चित चारा घोटाले में उनकी भूमिका अहम रही, जिसमें आरजेडी प्रमुख Lalu Prasad Yadav को सजा हुई।

पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित शारदा चिट फंड की जांच का नेतृत्व कर उन्होंने सियासी हलकों में हलचल मचा दी थी। इसके अलावा IRCTC और जमीन के बदले नौकरी जैसे मामलों में भी वे सक्रिय रहे हैं।अब पूरा बिहार इस बात पर नजरें टिकाए है कि क्या ‘सुपर कॉप’ राजीव रंजन NEET छात्रा केस की गुत्थी सुलझाकर दोषियों को सलाखों तक पहुंचा पाएंगे।

