
पूर्णिया:-25अगस्त(राजेश कुमार झा)जब से बिहार सरकार ने पेपरलेस रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू की,तब से लेकर पूरे बिहार के सभी निबंधन कार्यालय के बाहर सन्नाटा छा गया है.जिस निबंधन कार्यालय में देर शाम तक लोगों की आवाजाही रहती थी.वहां अब दिनभर सन्नाटा दिखाई पड़ता है.बताते चलें कि पूरे बिहार के सभी जिला निबंधन कार्यालय में प्रतिदिन 100 से अधिक जमीन निबंधन हो रही थी. आज वहीं पेपरलेस रजिस्ट्री मामले ने पिछले एक सप्ताह में तकरीबन 10 रजिस्ट्री ही हो सकी है. इसका सबसे बड़ा कारण है लोगों को अनावश्यक कारण बताकर दिगभ्रमित करना.इसके बाबजूद कई लोग ऐसे भी है,जिन्होंने दिगभ्रमित करने वालों की बात नहीं सुनी और सीधे चले गए निबंधन कार्यालय और अपने जमीन की रजिस्ट्री करवा लिए.इसी पेपरलेस प्रक्रिया के तहत विवेकानंद कॉलोनी निवासी मनीष कुमार 2 कट्ठे जमीन खरीदना चाहते थे.पेपरलेस से पहले ही मनीष अपनी जमीन की रजिस्ट्री करवाना चाहते थे.लेकिन किसी कारण जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकी.उसके बाद मनीष बताते है कि मैने आज पेपरलेस रजिस्ट्री करवाई.मुझे तो बहुत ही अच्छा लगा.बिना एक भी रुपया नाजायज लगे मेरी जमीन की रजिस्ट्री हो गई. मनीष ने आगे बताते हुए बोले कि पेपरलेस रजिस्ट्री के बाद जो क्यूआर कोड वाली रंगीन कॉपी मिलती है.वो तो पहले से भी बेहतर दिख रहा है.मनीष ने बताया कि पहले जमीन की रजिस्ट्री में घंटों समय लगता था.लेकिन इस पेपरलेस रजिस्ट्री में महज एक से दो घंटे के भीतर ही सभी प्रक्रिया हो गई.मनीष ने बताया कि जब मैं अपनी जमीन के निबंधन को लेकर निबंधन कार्यालय पहुंचा तो बाहर का सन्नाटा देख बाहर घूम रहे लोगों से पूछा कि रजिस्ट्री ऑफिस खुली हुई है या बंद.तो उन्होंने कहा अभी हड़ताल चल रहा है. सब काम बंद है.जब मैने निबंधन ऑफिस के अंदर जाकर देखा तो ऑफिस खुली हुई थी.तो मैने ऑफिस के स्टाफ से पूछा कि हड़ताल है क्या.तो कार्यालय कर्मी ने बताया कि सर कोई हड़ताल नहीं है.फिर पूरी जानकारी ली और महज दो घंटे के अंदर मेरी जमीन की रजिस्ट्री हो गई.इसलिए कृपया दिग्भर्मित नहीं हों.किसी के बहकावे में नहीं आयें.सीधे ऑफिस जाएं और पूरी जानकारी लें.
















