
छपरा, संवाददाता। 3 जुलाई।26। सारण जिले के गड़खा थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। महम्मदपुर गांव निवासी कांग्रेस कुमार ने गड़खा थाना पुलिस पर आधी रात बिना सर्च वारंट घर में घुसकर तलाशी लेने,परिवार के साथ दुर्व्यवहार करने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार को आवेदन सौंपा है। शिकायत के अनुसार,17 जून 2026 की रात करीब 12 बजे गड़खा थानाध्यक्ष सुभाष कुमार सिंह, एक सब-इंस्पेक्टर समेत कई पुलिसकर्मी बिना किसी सर्च वारंट और बिना किसी मुकदमे की जानकारी दिए उनके घर में जबरन घुस गए। आरोप है कि पुलिस ने पूरे घर की तलाशी ली और परिवार के सदस्यों के साथ अभद्र व्यवहार किया। कांग्रेस कुमार का दावा है कि पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है और इसके वीडियो साक्ष्य भी उपलब्ध हैं। शिकायत में कहा गया है कि पुलिस अपने साथ एक कथित फर्जी दफादार तथा कुछ बाहरी लोगों को भी लेकर पहुंची थी। परिवार का आरोप है कि न तो स्थानीय चौकीदार मौजूद था और न ही कोई महिला पुलिसकर्मी, बावजूद इसके घर की तलाशी ली गई।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि तलाशी के दौरान एक पुलिस पदाधिकारी शराब के नशे में था और विरोध करने पर गाली-गलौज करने लगा। आरोप है कि विरोध करने पर कांग्रेस कुमार के साथ हाथापाई की गई, गर्दन पकड़कर जबरन पुलिस वाहन में बैठाने का प्रयास किया गया तथा भविष्य में किसी भी आपराधिक मामले में झूठा फंसाने और जान से मारने की धमकी दी गई। एक पुलिस अधिकारी पर मोबाइल फोन छीनने का भी आरोप लगाया गया है, जिसे परिजनों के विरोध के बाद वापस कर दिया गया।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि पुलिस जिस व्यक्ति को दफादार बताकर साथ लाई थी, उसके भतीजे द्वारा क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार किया जाता है। शिकायतकर्ता ने इस दावे के समर्थन में फोटो और वीडियो होने की बात कही है।
पीड़ित ने एसएसपी से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, ड्यूटी के दौरान कथित रूप से शराब पीने वाले पुलिसकर्मियों, बिना वारंट घर में प्रवेश करने, अवैध तलाशी लेने और दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच कर दोषियों के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य में किसी झूठे मुकदमे में नहीं फंसाए जाने की भी गुहार लगाई है।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। इस मामले में पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

