
जोगबनी संवाददाता,03 जुलाई 26। भारत-नेपाल सीमा से सटे अररिया जिले के जोगबनी-रानी बॉर्डर इलाके में शुक्रवार को उस समय सुरक्षा तंत्र में हड़कंप मच गया,जब सूत्रों के अनुसार नेपाल सरकार के गृह मंत्री सूदन गुरुङ ने बिना पूर्व सूचना के सीमावर्ती क्षेत्रों का गोपनीय निरीक्षण किया। बताया जा रहा है कि उन्होंने कोशी प्रदेश के बेला, देवानगंज, अमरवा, दरहिया और रानी सीमा क्षेत्र का जायजा लिया। जानकारी के अनुसार, नेपाल के गृह मंत्रालय के पोर्टल पर सीमा पार तस्करी और अवैध गतिविधियों से जुड़ी लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए गृह मंत्री ने कथित तौर पर बिना किसी औपचारिक काफिले और सुरक्षा प्रोटोकॉल के अचानक सीमा क्षेत्र का दौरा किया। हालांकि, इस निरीक्षण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
-अलर्ट पर रहा सुरक्षा तंत्र,लेकिन लोकेशन नहीं मिली
सूचना मिलते ही नेपाल की जिला सुरक्षा समिति और संबंधित सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं। हालांकि,गृह मंत्री किस स्थान पर हैं और किन-किन इलाकों का निरीक्षण कर चुके हैं,इसकी सटीक जानकारी किसी के पास नहीं थी।
मोरंग के प्रमुख जिला अधिकारी युवराज कट्टेल ने बताया कि गृह मंत्री के जिले में आने की सूचना तो प्राप्त हुई थी,लेकिन वे किन क्षेत्रों में पहुंचे, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि नेपाल की सीमा पर तैनात खुफिया एजेंसियों को भी उनके मूवमेंट की पूर्व जानकारी नहीं मिल सकी।
-हाफ पैंट और टी-शर्ट में दिखने का दावा
स्थानीय लोगों का दावा है कि सीमा क्षेत्र में हाफ पैंट, टी-शर्ट और मास्क पहने एक व्यक्ति लोगों से सीमा की गतिविधियों,तस्करी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जानकारी ले रहा था। उस समय किसी ने उनकी पहचान नहीं की। बाद में चर्चा शुरू हुई कि वह व्यक्ति नेपाल के गृह मंत्री हो सकते हैं। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो इसे सीमा सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण और असाधारण निरीक्षण माना जाएगा।
फिलहाल नेपाल सरकार या गृह मंत्रालय की ओर से इस कथित गोपनीय निरीक्षण को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

