नई दिल्ली, 26 सितंबर (अशोक “अश्क”) बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की डायरेक्टोरियल डेब्यू वेब सीरीज ‘बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ से जुड़ा मानहानि केस IRS अधिकारी समीर वानखेडे के लिए मुश्किल भरा साबित हो रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने समीर वानखेडे की याचिका की गंभीरता पर सवाल उठाते हुए उनसे अपनी याचिका में संशोधन करने को कहा है।

इस मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस कौरव ने सवाल किया कि आखिर मामला दिल्ली में ही क्यों दायर किया गया है। समीर वानखेडे के वकील ने कोर्ट से ‘पासऑवर’ यानी सभी संबंधित मामलों की सुनवाई एक साथ करने के लिए समय मांगा। कोर्ट ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए याचिका में संशोधन के लिए उन्हें मौका दिया है। अब अगली सुनवाई की तारीख दिल्ली हाईकोर्ट की रजिस्ट्री तय करेगी।

समीर वानखेडे ने ‘बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ वेब सीरीज में हिंसा, बुरे व्यवहार और उनके साथ-साथ एंटी-ड्रग एजेंसियों की छवि खराब किए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रेड चिलीज की यह सीरीज कानून प्रवर्तन एजेंसियों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाती है और जनता का विश्वास टूटता है।
उनकी याचिका में यह भी दावा किया गया है कि सीरीज में कुछ अश्लील और अपमानजनक दृश्य दिखाए गए हैं, जिसमें एक पात्र राष्ट्रीय प्रतीक ‘सत्यमेव जयते’ के नारे का भी अपमान करता है। इसी आधार पर समीर ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की है।
समीर वानखेडे ने शाहरुख खान और गौरी खान के स्वामित्व वाली रेड चिलीज इंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड, मेमोरियल बिल्डिंग और अन्य के खिलाफ केस दायर किया है। उन्होंने कोर्ट से वेब सीरीज पर स्थायी रोक लगाने और 2 करोड़ रुपये हर्जाने की भी मांग की है। हर्जाने की राशि वे टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल को दान करने का प्रस्ताव भी रखा है।
यह मामला अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है और अगली सुनवाई के बाद ही इसके आगे के कदमों का पता चलेगा।

