हैदराबाद, 27 अक्तूबर (अंकिता राय) छठ का यह महान पर्व अब केवल बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाने लगा है।

खासकर बिहार और यूपी के लोग जहां-जहां भी रोजगार, व्यापार या जीवन-यापन के लिए बसे हैं, वहां छठ पूजा की पवित्रता और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। अब तो देश के बड़े महानगरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में भी इस पर्व का आयोजन भव्य रूप से किया जाने लगा है।

इसी क्रम में तेलंगाना राज्य में भी छठ पूजा की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।छठ पूजा सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित एक चार दिवसीय पर्व है, जो धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह पर्व नहाए-खाय, खरना, डूबते सूर्य को अर्घ्य (सांझिया अर्घ्य) और उगते सूर्य को अर्घ्य जैसे अनुष्ठानों के साथ मनाया जाता है। व्रतीजन कठोर तपस्या और उपवास के माध्यम से परिवार की सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना करते हैं।

छठ पर्व न केवल भक्ति और आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और एकता का भी प्रतीक बन चुका है। इसमें जाति-पाति या वर्ग का कोई भेद नहीं रहता, सब एक साथ मिलकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते हैं। साथ ही, यह पर्व प्रकृति और पर्यावरण के प्रति कृतज्ञता का संदेश भी देता है, ये पर्व हमें याद दिलाया है कि सूर्य ही जीवन और ऊर्जा का मूल स्रोत है।

