नई दिल्ली, 05 नवम्बर (अशोक “अश्क”) उत्तर भारत में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के अनुसार, अरब सागर में बनी कमजोर प्रणाली चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र में बदल गई है, जिससे अब पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में तेज बारिश और ओलावृष्टि होने की संभावना है।

वर्तमान में यह विक्षोभ उत्तर पाकिस्तान और उससे सटे इलाकों में सक्रिय है। अरब सागर की नई प्रणाली ने चक्रवाती हवाओं को गुजरात और सिंध की ओर बढ़ा दिया है, जिससे पूर्वी सिंध, उत्तरी गुजरात और दक्षिणी राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। मध्य राजस्थान पर भी नया चक्रवाती क्षेत्र विकसित हो रहा है, जो उत्तर राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश कराएगा।
5 नवंबर को पंजाब और हरियाणा में हल्की से मध्यम बारिश शुरू होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, उत्तर लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में बर्फबारी और बारिश हो सकती है। मैदानी क्षेत्रों में पंजाब के उत्तरी जिले भारी बारिश और ओलावृष्टि का सामना कर सकते हैं, जबकि हरियाणा के कुछ जिले हल्की बूंदाबांदी तक सीमित रहेंगे।
राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। 6 नवंबर के बाद इन राज्यों में तापमान में गिरावट आएगी, सुबह की ठंड तेज और दिन भी काफी ठंडे रहेंगे। मौसम गतिविधियों के कारण प्रदूषण स्तर में कमी आने की भी उम्मीद है।

