
बाढ़ पूर्व तैयारियों का जायजा लेना तथा कटाव रोधी कार्यों की प्रगति की समीक्षा करना इसका मुख्य उद्देश्य; जिलाधिकारी
छपरा:-08 जुलाई(धर्मेंद्र रस्तोगी)संभावित बाढ़ और गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बिहार सरकार के उप मुख्यमंत्री सह सारण जिला प्रभारी मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने मंगलवार की देर शाम को सबलपुर दियारा इलाके में चल रहे कटाव रोधी कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव, वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार, जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों ने उप मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने कटाव रोधी कार्यों का अवलोकन करते हुए मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि संभावित बाढ़ की चुनौती को देखते हुए फ्लड फाइटिंग की सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं। उन्होंने संवेदनशील स्थलों पर कटाव रोधी कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए युद्धस्तर पर कार्य करने तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी है।
उप मुख्यमंत्री के प्रस्थान के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के समक्ष कार्य में हो रही शिथिलता और आवश्यक संसाधनों, विशेषकर क्रेट (Crate) की कमी का मुद्दा उठाया। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में भी क्रेट उपलब्ध नहीं होने के कारण एक दिन तक कार्य पूरी तरह प्रभावित रहा था और वर्तमान में भी यही स्थिति बनी हुई है, जिससे कार्य की गति लगातार बाधित हो रही है। ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने मौके पर ही संवेदक एवं विभागीय अधिकारियों को आवश्यक संसाधनों की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सामग्री की कमी के कारण कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी। इस दौरान सबलपुर महुआबाग के ग्रामीणों ने यह भी आपत्ति जताई कि अत्यंत संवेदनशील अपस्ट्रीम क्षेत्र से कार्य प्रारंभ करने के बजाय बीच के हिस्से से काम शुरू किया गया, जिससे कटाव का खतरा और बढ़ सकता है।
ग्रामीणों की आशंकाओं को देखते हुए सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने स्वयं अपस्ट्रीम के आठ लूपों का निरीक्षण किया तथा वहां चल रहे कार्य, संसाधनों की उपलब्धता और प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के बाद उन्होंने संवेदनशील स्थलों पर तीनों शिफ्टों में लगातार कार्य संचालित करने, पर्याप्त मजदूर और मशीनें लगाने तथा मुख्य अभियंता को सभी आवश्यक संसाधनों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। हालांकि प्रशासनिक निर्देशों के बावजूद निरीक्षण के बाद भी क्रेट की उपलब्धता सामान्य नहीं हो सकी, जिसके कारण कार्य अपेक्षित गति नहीं पकड़ पाया। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच कटाव रोधी कार्य की धीमी प्रगति से स्थानीय ग्रामीणों में चिंता और मायूसी बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र ही संसाधनों की आपूर्ति सुनिश्चित कर युद्धस्तर पर कार्य नहीं कराया गया, तो संभावित बाढ़ के दौरान सबलपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में कटाव का खतरा गंभीर रूप ले सकता है।

