पटना, 5 सितम्बर (अशोक “अश्क”) भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार में चल रहे वोटर लिस्ट रिवीजन (SIR) और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को SIR के लिए और समय देना चाहिए था, क्योंकि इसके चलते लोगों को असुविधा हुई है।
गुरुवार को एक इंटरव्यू में कुशवाहा ने कहा कि जमीनी स्तर पर SIR कोई बड़ा मुद्दा नहीं है, लेकिन इसके क्रियान्वयन में जनता को पर्याप्त समय नहीं दिया गया, जो एक गलती रही। उन्होंने बताया कि दो महीने पहले ही उन्होंने इस मुद्दे पर आयोग को सचेत किया था।

वहीं, कांग्रेस द्वारा चलाए गए ‘वोटर अधिकार यात्रा’ को लेकर उन्होंने कहा कि यह अभियान जनता से जुड़ने में विफल रहा है, हालांकि इससे राहुल गांधी को बिहार में एक नई पहचान जरूर मिली है। उन्होंने कहा, “लंबे समय बाद राहुल गांधी को इस यात्रा के कारण बिहार में कुछ राजनीतिक लाभ मिला है।”
कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा और चुनाव बाद भी नीतीश ही मुख्यमंत्री बने रहेंगे। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान को सामान्य प्रोटोकॉल बताया जिसमें शाह ने कहा था कि सीएम चेहरा चुनाव के बाद तय किया जाएगा।
इसके साथ ही कुशवाहा ने नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में आने की वकालत करते हुए कहा कि “उन्हें सार्वजनिक जीवन में आकर अपनी भूमिका निभानी चाहिए।”
आज शुक्रवार को पटना के मिलर ग्राउंड में उपेंद्र कुशवाहा एक बड़ी जनसभा करने जा रहे हैं। यह सभा परिसीमन और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित होगी। बताया जा रहा है कि इस रैली में राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में समर्थक जुटेंगे।
उपेंद्र कुशवाहा इससे पहले भी बिहार के कई जिलों में जन-जागरूकता रैलियां कर चुके हैं और आगामी चुनावों में आरएलएम की भूमिका को लेकर चर्चा में बने हुए हैं।

