
नई दिल्ली, 14 फरवरी (अशोक “अश्क”) देश के कृषि क्षेत्र को लेकर उठ रहे सवालों के बीच केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बड़ा बयान देते हुए स्पष्ट किया है कि भारत के एग्री सेक्टर के लिए बाजार नहीं खोला गया है और 95 फीसदी कृषि उत्पादों को पूरी तरह से संरक्षित रखा गया है। शुक्रवार को एक बिजनेस समिट में बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया है।

गोयल ने कहा कि भारत के लिए एक विशाल वैश्विक बाजार खुलने जा रहा है। अमेरिका और यूरोपीय यूनियन मिलकर भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए लगभग 55-60 ट्रिलियन डॉलर का बाजार उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन व्यापार समझौतों में 95 प्रतिशत से अधिक कृषि उपज को सुरक्षित रखा गया है, ताकि देश के किसानों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

मंत्री ने बताया कि हाल के महीनों में भारत ने न्यूज़ीलैंड, यूनाइटेड किंगडम, ओमान और यूरोपीय यूनियन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) किए हैं, जबकि अमेरिका के साथ एक अंतरिम व्यापार समझौता अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि इस डील से अमेरिकी 20 ट्रिलियन डॉलर के बाजार में भारतीय MSME, एग्री और टेक्सटाइल सेक्टर को किफायती पहुंच मिलेगी। गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगाए गए 25 फीसदी दंडात्मक टैरिफ को हटाकर रेसिप्रोकल टैरिफ 18 प्रतिशत करने की जानकारी दी थी। रूस से तेल खरीद को लेकर बढ़े टैरिफ विवाद के बाद दोनों देशों के बीच बातचीत तेज हुई थी। गोयल ने AI को लेकर भी आशंकाएं दूर करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नौकरियां खत्म नहीं करेगा, बल्कि काम करने का तरीका बदलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश मिशन मोड में रिफॉर्म एक्सप्रेस पर आगे बढ़ रहा है और आने वाला समय भारत के लिए वैश्विक व्यापार में बड़ी छलांग का होगा।

