
पटना, 30 दिसम्बर (पटना डेस्क) राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा एक बार फिर बिहार की राजनीति के केंद्र में आ गए हैं। पार्टी के भीतर असंतोष, विधायकों की नाराजगी और परिवारवाद के आरोपों ने सियासी माहौल गरमा दिया है। चर्चा है कि बिहार सरकार में अपने बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनवाने के बाद कुशवाहा अब अपनी बहू साक्षी मिश्रा के लिए भी अहम पद दिलाने की कोशिश कर रहे हैं।

इन तमाम अटकलों पर उपेंद्र कुशवाहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दो पोस्ट कर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने खबरों को बेबुनियाद, मनगढ़ंत और तथ्यहीन बताते हुए मीडिया को अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने की नसीहत दी। कुशवाहा ने लिखा कि इस तरह की बनावटी खबरों की उम्र कुछ ही दिनों की होती है और इससे किसी का कुछ बिगड़ने वाला नहीं है।यह पहला मौका नहीं है जब कुशवाहा ने मीडिया रिपोर्ट्स पर नाराजगी जताई हो। 28 दिसंबर को भी उन्होंने एक पोस्ट में व्यंग्यात्मक लहजे में कहा था कि ऐसी फालतू खबरें भी मीडिया में चलती और बिकती हैं, जो आश्चर्यजनक है।दरअसल, RLM में असंतोष की खबरें उस वक्त तेज हुईं जब पटना में कुशवाहा के आवास पर आयोजित लिट्टी-चोखा पार्टी में चार में से तीन विधायक शामिल नहीं हुए।

इस आयोजन में केवल उनकी पत्नी और विधायक स्नेहलता कुशवाहा की मौजूदगी ने फूट की अटकलों को हवा दी।इसके बाद RLM विधायकों की बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात ने सियासी चर्चाओं को और तेज कर दिया। वहीं, साक्षी मिश्रा को राज्य नागरिक परिषद का उपाध्यक्ष बनाए जाने की चर्चाओं ने परिवारवाद के आरोपों को फिर सतह पर ला दिया है।

