नई दिल्ली, 7 सितम्बर (अशोक “अश्क”) प्रशांत महासागर में उठा तूफान ‘किको’ अमेरिका और हवाई द्वीपसमूह के लिए चिंता का कारण बन गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि यह तूफान फिर से तेज़ी पकड़कर कैटेगरी-4 के खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में इसका असर हवाई द्वीप पर देखने को मिल सकता है।

‘किको’ की अधिकतम रफ्तार 215 किमी प्रति घंटा है और यह फिलहाल हिलो और हवाई से 1,195 मील (1,925 किलोमीटर) पूर्व-दक्षिणपूर्व में स्थित है। यह तूफान 17 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। रविवार से हवाई के तटीय क्षेत्रों में ऊंची लहरों और खतरनाक रिप करंट्स की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अभी तक किसी द्वीप पर सीधी चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।
दूसरी ओर, पोस्ट-ट्रॉपिकल साइक्लोन ‘लोरेना’ ने मेक्सिको के बाजा कैलिफोर्निया प्रायद्वीप में भारी बारिश बरसाई है। शुक्रवार सुबह तक इसकी रफ्तार घटकर 56 किमी प्रति घंटा रह गई थी। लोरेना से 30 सेंटीमीटर तक बारिश की आशंका है, जिससे फ्लैश फ्लडिंग और भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है।
एरिज़ोना और न्यू मैक्सिको तक भी लोरेना का असर पहुंचा है, जहां शनिवार तक बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है। मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि ‘किको’ जैसे तूफान जब कैटेगरी-3 या उससे ऊपर होते हैं, तो उन्हें ‘मेजर हरिकेन’ की श्रेणी में रखा जाता है।

