
गोपालगंज,संवाददाता। जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के सफियाबाद गांव में बुधवार की रात खाना बनाने के दौरान गैस सिलेंडर में हुए गैस रिसाव ने देखते ही देखते भीषण हादसे का रूप ले लिया। सिलेंडर से तेजी से लीक हुई गैस पूजा के जलते दीये के संपर्क में आते ही आग की लपटों में बदल गया। कुछ ही पलों में आग ने पूरे घर के सदस्यों को अपनी आगोश में ले लिया। इस हादसे में जहां दो लोगों की मौत हो गई वही एक बच्चे सहित कुल 15 लोग झुलस गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया।
घायलों में घर के सदस्यों के अलावा वे लोग भी शामिल हैं, जो आग लगने के बाद मदद के लिए मौके पर पहुंचे थे। आग बुझाने और घर के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश में कई ग्रामीण भी इसकी चपेट में आ गए।
-सिलेंडर खत्म होने के बाद शुरू हुई थी बदलने की प्रक्रिया
बताया जाता है कि सफियाबाद गांव निवासी सिंघासन मांझी के घर में खाना बनाने का काम चल रहा था। इसी दौरान रसोई गैस सिलेंडर खत्म हो गया। इसके बाद घर की महिलाओं ने नया सिलेंडर लगाने की प्रक्रिया शुरू की। जैसे ही सिलेंडर का कैप हटाकर रेगुलेटर लगाने का प्रयास किया गया,सिलेंडर से अचानक तेज गति से गैस का रिसाव शुरू हो गया। गैस तेजी से पूरे कमरे में फैलने लगी। इसी दौरान घर में जल रहे पूजा के दीये के संपर्क में आते ही गैस में आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और घर के अंदर मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिल सका।
-अपनों को बचाने पहुंचे,खुद भी झुलसे
घर से आग की लपटें उठती देखकर परिवार के सदस्यों में भगदड़ मच गई। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। लोगों ने साहस दिखाते हुए आग बुझाने और घर के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। इस दौरान आग की तेज लपटों की चपेट में आने से कई ग्रामीण भी झुलस गए। कुछ ही देर में हादसे में झुलसे लोगों की संख्या कुल 17 हो गई। जिसमें
कंचन शर्मा के 18 माह की पुत्री मिस्टी कुमारी को गोरखपुर ले जाने के दौरान व प्रेम नाथ मांझी के 5 वर्षीय पुत्र अंकुश कुमार की सदर अस्पताल में इलाज के क्रम में मौत हो गई।
-घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस व प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव में जुट गई।
एंबुलेंस और निजी वाहनों से सभी जख्मी को सदर अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस व ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को एंबुलेंस एवं निजी वाहनों से तत्काल गोपालगंज सदर अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में डॉक्टरों की मेडिकल टीम ने सभी घायलों का उपचार शुरू किया। बड़ी संख्या में झुलसे मरीजों के पहुंचने के बाद अस्पताल में भी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। डॉक्टरों के अनुसार,कई जख्मियों की हालत गंभीर बनी हुई है।अन्य घायलों का सदर अस्पताल में इलाज जारी है।
-डीएम सहित आला अधिकारियों ने लिया जायजा
हादसे की सूचना मिलने के बाद डीएम समीर सौरभ, एसडीएम डॉ. प्रेरणा सिंह, डीडीसी और एसडीपीओ समेत अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी बरौली विधायक मंजीत सिंह सदर सुभाष सिंह देर रात अस्पताल पहुंच के जख्मियों का हाल जाना। वही सूबे के शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी भी सदर अस्पताल पहुंच कर उनका हाल जाना व यथासंभव मदद का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने घायलों और उनके परिजनों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली तथा चिकित्सकों से घायलों की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन को घायलों के समुचित इलाज और आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं,पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर हादसे के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है।
-गांव में पसरा मातम,दहशत में ग्रामीण
भीषण हादसे के बाद सफियाबाद गांव में मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है। एक ही परिवार और मदद के लिए पहुंचे ग्रामीणों के झुलसने की खबर से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। ग्रामीण घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
प्रथम दृष्टया हादसे की वजह सिलेंडर बदलने के दौरान गैस का अत्यधिक रिसाव और उसके बाद आग के संपर्क में आना बताई जा रही है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों और सिलेंडर में तकनीकी खराबी समेत अन्य पहलुओं की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
















