
छपरा,संवाददाता 24 सितंबर। बिहार विधान परिषद के सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 को लेकर चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो चुकी है। चुनाव के लिए 29 सितंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी, जो छह अक्टूबर तक चलेगी। सात अक्टूबर को नामांकन पत्रों की संवीक्षा होगी, जबकि नौ अक्टूबर तक अभ्यर्थी अपना नाम वापस ले सकेंगे। 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। पूरी निर्वाचन प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक संपन्न कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
निर्वाची पदाधिकारी-सह-सारण के प्रमंडलीय आयुक्त मनीष कुमार ने प्रेस वार्ता में निर्वाचन कार्यक्रम, मतदाता संख्या और प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 22 सितंबर को प्रेस नोट जारी होने के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है, जो निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने की निर्धारित तिथि 31 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी।
आयुक्त ने चुनाव को स्वच्छ, निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। मीडिया प्रतिनिधियों से भी आचार संहिता के उल्लंघन से संबंधित किसी मामले की सूचना तत्काल निर्वाची पदाधिकारी अथवा संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की गई है।
29 सितंबर से छह अक्टूबर तक नामांकन
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाची पदाधिकारी-सह-आयुक्त के न्यायालय कक्ष को नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए निर्धारित किया गया है। 29 सितंबर से छह अक्टूबर तक कार्यालय दिवसों में सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे।
निर्वाचन नियमों के तहत प्रत्याशी को अंतिम निर्वाचक सूची में शामिल 10 निर्वाचकों को प्रस्तावक बनाना होगा। सात अक्टूबर को नामांकन पत्रों की संवीक्षा की जाएगी और नौ अक्टूबर को अभ्यर्थिता वापस लेने की अंतिम तिथि होगी।
पांच जिलों में बनाए गए 98 मतदान केंद्र
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 98 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें पश्चिमी चंपारण में 18, पूर्वी चंपारण में 27, गोपालगंज में 14, सिवान में 19 और सारण में 20 मतदान केंद्र शामिल हैं।
इन पांच जिलों में कुल 10,743 शिक्षक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 8,885 पुरुष और 1,858 महिला मतदाता हैं।
जिलेवार मतदाताओं की संख्या पर नजर डालें तो पश्चिमी चंपारण में 1,713, पूर्वी चंपारण में 1,741, गोपालगंज में 1,282, सिवान में 2,183 और सारण में सर्वाधिक 3,824 मतदाता हैं।
23 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मतदान कराया जाएगा।
मतपेटियों और मतदान दलों की तैयारी तेज
निर्वाचन में वैध मतपत्र के माध्यम से मतदान कराया जाएगा। मतदान के लिए सभी संबंधित जिलों में आवश्यक संख्या में मतपेटियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया चल रही है। उपलब्ध कार्यबल के आधार पर मतदान दलों का गठन किया जाएगा। प्रशासन की ओर से मतदान केंद्रों पर आवश्यक संसाधन, कर्मियों और अन्य व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने की तैयारी की जा रही है।
पांचों जिलों के डीएम के साथ हुई समीक्षा बैठक
प्रेस वार्ता से पहले निर्वाची पदाधिकारी-सह-आयुक्त मनीष कुमार ने सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पांचों डीएम सह-सहायक निर्वाची पदाधिकारियों के साथ बैठक कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा की।
बैठक में सारण,सिवान, गोपालगंज,पूर्वी चंपारण व पश्चिमी चंपारण के अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान मतदान दलों और विभिन्न निर्वाचन कोषांगों के गठन,राजनीतिक दलों के साथ बैठक,मीडिया प्रतिनिधियों के साथ समन्वय तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
सभी जिलों के अधिकारियों ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार तैयारियां चल रही हैं और अधिकांश आवश्यक कार्य पूरे किए जा चुके हैं। शेष कार्यों को भी समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
-प्रचार की अनुमति के लिए सिंगल विंडो सिस्टम
निर्वाचन के दौरान प्रत्याशियों और उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं को प्रचार-प्रसार से संबंधित विभिन्न अनुमतियों के लिए जिला स्तर पर सिंगल विंडो सिस्टम उपलब्ध कराया जाएगा। सभा, जुलूस,लाउडस्पीकर,वाहन समेत अन्य अनुमतियों के लिए प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सभी प्रत्याशियों को समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए अनुमतियां ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर देने का निर्देश दिया गया है।
-27 अक्टूबर को मतगणना, 31 तक पूरी होगी प्रक्रिया
तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव की मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। इसके लिए जिला मुख्यालय में उपयुक्त स्थान को मतगणना केंद्र के रूप में चिन्हित करने की प्रक्रिया चल रही है।
निर्वाची पदाधिकारी-सह-आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरश: पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। प्रशासन की कोशिश है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी निर्वाचन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया जाए।
















