बक्सर, 5 सितम्बर (विक्रांत) अनुमंडल अस्पताल के कुछ चिकित्सकों की कार्य संस्कृति से अस्पताल प्रबंधन परेशान
है। अनुमंडल अस्पताल में कार्यरत कुछ चिकित्सकों ने हम नही सुधरेंगे को कसम खाई हो।
इसी क्रम में अनुमंडल अस्पताल के दो चिकित्सकों की कार्य संस्कृति पर यक्ष सवाल
खड़े हो गए है। अनुमंडल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड संचालक डा. प्रेमचंद प्रसाद पर
एक बार फिर उनके कार्य संस्कृति को लेकर रोगी कल्याण समिति के सदस्यों ने
अनुमंडलाधिकारी के समक्ष प्रायः अनुपस्थित रहने एवं उपस्थिति के दौरान रोगियों का अल्ट्रासाउंड करते
समय चिकित्सक डा.प्रसाद द्वारा इलाज के लिए निजी क्लिनिक में आने को कार्ड
प्रदान करने के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है।

डा.प्रसाद पर इसके पहले अल्ट्रासाउंड संचालन
में लापरवाही बरते जाने का आरोप रोगी कल्याण समिति के सदस्य अजय कुमार राय
द्वारा लगाए जाने के बाद उन्हें सिमरी पीएचसी के प्रभारी पद से सिविल सर्जन द्वारा
हटाया जा चुका है। साथ ही अनुमंडल अस्पताल के अल्ट्रासाउंड संचालन व्यवस्था
को सुचारू रूप से करने को लेकर एक अन्य चिकित्सक डा.रश्मि कुमारी की पदस्थापन की जा चुकी है। बावजूद उनके खिलाफ आरोप का सिलसिला बना रहता है। दुसरी ओर रोगी कल्याण
समिति के सदस्यों द्वारा डा.प्रेमा प्रसाद पर भी रोगियों के इलाज के क्रम में अपने प्राईवेट
क्लिनिक में बेहत्तर इलाज का सुझाव देते हुए रोगियों को प्राईवेट क्लिनिक में बुलाने
का आरोप लगाया गया है। इस मामले में महिला चिकित्सक डा.प्रेमा प्रसाद ने
सफाई देते हुए कहा कि उनका कोई निजी क्लिनिक नहीं है।
तीन सदस्यीय जांच दल गठित-नव निर्मित रोगी कल्याण समिति के सदस्यों द्वारा अनुमंडल अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था का संचालन दुरूस्त करने और दो चिकित्सक में अल्ट्रासाउंड संचालक डा.
प्रेमचंद प्रसाद एवं डा.प्रेमा प्रसाद के खिलाफ बेहत्तर इलाज के नाम पर रोगियों को
निजी क्लिनिक में बुलाए जाने को आरोप लगाए जाने के बाद अनुमंडलाधिकारी
सख्त हो गए। उन्होंने बगैर देर किए दोनों चिकित्सकों के खिलाफ जांचोपरांत
कारवाई करने को सिविल सर्जन को लिखीत पत्र भेज दिया। अनुमंडलाधिकारी द्वारा
प्रेषित पत्रांक 2654 एवं 2655 के आलोक में सिविल सर्जन ने दोनों चिकित्सकों के
कार्य शैली को सरकारी कार्यो के प्रति अनुशासनहीनता एवं लापरवाही के अलावा
सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं कें खिलाफ ठहराया है। साथ
ही इनके द्वारा किए जा रहे कथित कृत्यों की जांच को लेकर तीन सदस्यीय जांच
टीम गठित किया है। जांच टीम में अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, जिला
संचारी रोग पदाधिकारी एवं अस्पताल के उपाधीक्षक को शामिल किया
गया है। सीएस डा.शिव प्रसाद चक्रवर्ती ने जांच टीम के सदस्यों को आदेश
की प्रति भेज कर एक सप्ताह के अंदर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराए जाने को निर्देश दिया है।

