पटना, 15 दिसम्बर (पटना डेस्क) बिहार में जमीन या फ्लैट खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ी और चौंकाने वाली खबर है। करीब एक दशक बाद राज्य सरकार जमीन की रजिस्ट्री से जुड़ी न्यूनतम मूल्य दर यानी सर्किल रेट (एमवीआर) बढ़ाने की तैयारी में जुट गई है। प्रस्ताव लागू होते ही राज्य में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री दो से तीन गुना तक महंगी हो सकती है। सरकार का उद्देश्य जमीन खरीद-बिक्री से राजस्व बढ़ाना और बाजार मूल्य व सरकारी दरों के बीच लंबे समय से चले आ रहे अंतर को खत्म करना है।

सूत्रों के मुताबिक ग्रामीण इलाकों में वर्ष 2013 और शहरी क्षेत्रों में 2016 के बाद एमवीआर में कोई संशोधन नहीं हुआ है, जबकि इस दौरान जमीन की बाजार कीमत कई गुना बढ़ चुकी है। इसी कारण रजिस्ट्रेशन और स्टांप ड्यूटी से सरकार को अपेक्षित राजस्व नहीं मिल पा रहा था। अब मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने सभी जिलों को एमवीआर की समीक्षा कर नई दरों की अनुशंसा भेजने का निर्देश दिया है।हर जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला मूल्यांकन समिति बनाई गई है, जो सड़क की चौड़ाई, इलाके के विकास, जमीन के प्रकार और बाजार भाव के आधार पर नई दरें तय करेगी। यह प्रक्रिया भूमि सर्वे से भी जुड़ी है, जो फिलहाल राज्य के 38 जिलों में चल रहा है।सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्गों, मुख्य सड़कों और शहरी इलाकों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी संभव है। पटना जैसे शहरों में सर्किल रेट दोगुना या तिगुना हो सकता है। इससे स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क भी भारी बढ़ेगा। विभागीय संकेत हैं कि जनवरी 2026 से नई दरें लागू की जा सकती हैं।

