

गोपालगंज,टीएन मिश्रा। जिले के जादोपुर थाना में पद और वर्दी की आड़ में कथित भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस जांच में आम नागरिकों को गलत तरीके से थाने में रखने, मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर पैसे वसूलने और महिलाओं व नाबालिगों को छोड़ने के नाम पर अवैध राशि वसूलने के आरोपों की पुष्टि होने के बाद एसपी ने बड़ी कार्रवाई की है। खुद एसपी ने तत्कालीन थानाध्यक्ष सब इंस्पेक्टर अनिल राम,चौकीदार महंत यादव,राकेश कुमार व कथित दलाल राजू यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। एसपी विनय तिवारी ने बताया कि 16 अगस्त 2026 को जादोपुर थाना के थानाध्यक्ष अनिल राम पर पद व दायित्व का दुरुपयोग करते हुए आम नागरिकों के साथ आपराधिक कृत्य करने तथा अवैध राशि की मांग एवं वसूली किए जाने की जानकारी मिली थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने मामले की त्वरित जांच के लिए पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय विजय कुमार मिश्रा को जिम्मेदारी सौंपी। डीएसपी हेड क्वार्टर ने मामले की विस्तृत जांच करते हुए संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए और उपलब्ध साक्ष्यों एवं अन्य तथ्यों का सत्यापन किया। जांच रिपोर्ट 18 अगस्त को सौंप दी गई। रिपोर्ट में तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल राम, चौकीदार महंत यादव,चौकीदार राकेश कुमार और कथित दलाल राजू यादव की भूमिका सामने आने की बात कही गई है।
36 घंटे तक थाने में अवैध हिरासत में रखने का आरोप
जांच में सामने आया कि जितन राम,विजय राम, शंकर राम आदि तथा एक महिला और उसकी नाबालिग पुत्री को बिना किसी प्राथमिकी अथवा सक्षम कानूनी अनुमति के करीब 36 घंटे तक थाना परिसर में अवैध रूप से निरुद्ध रखे जाने की बात सामने आई है।
-मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर 50 हजार की वसूली
जांच में यह भी तथ्य सामने आया कि जितन राम एवं अन्य निर्दोष ग्रामीणों को मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर कथित दलाल राजू यादव के माध्यम से 50 हजार रुपये की अवैध राशि की मांग एवं वसूली की गई। पुलिस के अनुसार यह तथ्य जांच में प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाया गया।
-महिला व नाबालिग को छोड़ने के नाम पर 75 हजार
मामले में एक महिला और उसकी नाबालिग पुत्री को थाने से छोड़ने के नाम पर 75 हजार रुपये की अवैध राशि वसूले जाने का आरोप सामने आया है। जांच में चौकीदार महंत यादव के माध्यम से यह राशि लिए जाने की बात सामने आने की पुलिस ने जानकारी दी है।
-केस से नाम हटाने के लिए मांगे 55 हजार
इसी तरह सतेन्द्र सिंह के पुत्र लव कुश का नाम मामले से हटाने या उसे बचाने के नाम पर 55 हजार रुपये की अवैध राशि की वसूली किए जाने का तथ्य भी जांच में प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाया गया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि पुलिस मुख्यालय द्वारा समय-समय पर जारी स्पष्ट निर्देशों के बावजूद चौकीदारों से थाना लेखक का कार्य एवं अन्य ऐसे कार्य कराए जा रहे थे,जो उनके निर्धारित दायित्व एवं अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर थानाध्यक्ष सहित सभी को गिरफ्तार कर लिया है। वही जांच के दौरान गवाहों को डराने-धमकाने और प्रभावित करने के उद्देश्य से दलालों एवं चौकीदारों को भेजे जाने की बात सामने आई। इसे न्यायिक प्रक्रिया एवं निष्पक्ष अनुसंधान को प्रभावित करने का गंभीर प्रयास माना गया।
जांच प्रतिवेदन एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इन सभी पर जादोपुर थाना कांड संख्या-185/2026,दर्ज कर संबंधित धाराओं में अनुसंधान शुरू हो गया।
-गिरफ्तार लोगों में थानाध्यक्ष सहित चार शामिल
शेखपुरा जिले के मेहुस थाने के लवनीपुर ग्राम निवासी शंकर राम के पुत्र जादोपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल राम जादोपुर के विशुनपुर गांव निवासी
बनवारी यादव के पुत्र राजू यादव जादोपुर निवासी मुन्ना मांझी के पुत्र राकेश मांझी जबकि नगर थाने के एकडेरवा गांव निवासी भानू यादव के महंथ कुमार यादव
शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपितों ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। थानाध्यक्ष एवं दोनों चौकीदारों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजते हुए निलंबित कर दिया गया है।
-तत्कालीन थानाध्यक्ष जादोपुर के विरुद्ध साक्ष्य
थानाध्यक्ष द्वारा स्टेशन डायरी में कोई एंट्री नहीं की गई। पीआर बांड पर छोड़ा गया।।सभी निर्दोषों का कोर्ट के समक्ष बयान कराया जा रहा है।
दलाल से थाना प्रभारी के लगातार संपर्क में रहने की मोबाइल जांच से पुष्टि हुई हैं।
-एसपी का स्पष्ट संदेश
सरकारी कार्य में भ्रष्टाचार, पद एवं दायित्व के दुरुपयोग या कानून के दुरुपयोग की शिकायत मिलने पर जांच कर भ्रष्टाचार अधिनियम समेत संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। गवाहों को डराने-धमकाने, रिश्वतखोरी अथवा निष्पक्ष अनुसंधान को प्रभावित करने का कोई प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध कठोर एवं विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। एसपी की इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे महकमे में भी हलचल मच गई है।
















