दिल्ली, 9 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के चर्चित अभिनेता और लोकसभा चुनाव लड़ चुके पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच का विवाद अब सार्वजनिक मंचों और मीडिया तक पहुंच चुका है। 8 अक्टूबर को पवन सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उसी दिन ज्योति सिंह ने भी प्रेस के सामने अपना पक्ष रखते हुए कई गंभीर आरोप लगाए और जनता से पवन सिंह से सवाल पूछने की अपील की।

ज्योति सिंह ने कहा, “अगर पवन जी मुझे पत्नी रूप में स्वीकार करते हैं, तो मैं राजनीति नहीं करूंगी। चुनाव नहीं लड़ूंगी। लेकिन अगर उन्होंने इंकार किया, तो मजबूरन उनका सामना करना पड़ेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि कुछ राजनीतिक पार्टियों से उनकी बातचीत चल रही है और वह कराकाट से चुनाव लड़ने की इच्छा रखती हैं।
ज्योति सिंह ने दावा किया कि जब पवन सिंह ने उन्हें लोकसभा चुनाव प्रचार में बुलाया, मांग में सिंदूर भरा, और अपने घर में रखा, तब कोर्ट में मामला लंबित था। उन्होंने सवाल उठाया, “तब कोर्ट केस की चिंता नहीं थी, तो अब क्यों है?”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ज्योति ने पवन के भाई रानु सिंह संग बातचीत की ऑडियो भी सुनाई, जिसमें उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया था। उन्होंने कहा, “मैं अब भी कोशिश कर रही हूं बात करने की, लेकिन पवन जी फोन नहीं उठाते, और परिवार से अपमान मिलता है।”
राजनीति को लेकर उन्होंने पवन सिंह पर तंज कसते हुए कहा, “जो खुद 15 साल से पार्टी में हैं और अब तक टिकट नहीं मिला, वो मुझे टिकट कैसे दिलाएंगे?”
ज्योति सिंह ने जनता से अपील करते हुए कहा, “मेरी तरफ से पवन जी से पूछिए – जब उन्होंने मुझे पत्नी की तरह स्वीकार किया, तब कोर्ट केस की बात क्यों नहीं की?”
इस पूरे मामले ने पर्सनल विवाद को राजनीतिक मोड़ दे दिया है और आने वाले समय में यह और तूल पकड़ सकता है।

