
धमदाहा/पूर्णिया:-21 मई(संतोष झा)अनुमंडल मुख्यालय के हृदय स्थल में स्थित आदर्श संस्कृत मध्य विद्यालय का भवन जर्जर हालत में है। भवन निर्माण नहीं होने से करीब 300 से 400 बच्चे खस्ताहाल भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। बारिश में छत टपकती है और प्लास्टर झर-झर कर बच्चों के ऊपर गिरता रहता है। कई बार बच्चों के शरीर पर भी प्लास्टर गिर चुका है।
शिक्षकों में भी डर
विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि भवन नहीं होने के कारण बच्चों को जर्जर भवन में पढ़ाना पड़ रहा है। छत से लगातार प्लास्टर गिरता रहता है। हर वक्त किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
कभी दूर-दूर से आते थे छात्र
ग्रामीणों ने बताया कि यह विद्यालय कभी मिथिलांचल का गौरव था। मिथिलांचल सहित दूसरे जिलों से भी छात्र यहां संस्कृत की पढ़ाई करने आते थे। वर्तमान में यहां कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई होती है। लेकिन भवन के अभाव में विद्यालय की हालत दयनीय हो गई है।
ग्रामीणों ने की भवन निर्माण की मांग
ग्रामीण बिधन चंद्र झा,अमर कुमार झा,संजीव कुमार ठाकुर,अधिवक्ता महाकांत ठाकुर,अधिवक्ता श्यामा कांत ठाकुर, सेवानिवृत्त शिक्षाविद प्रो. डॉ. मधुवन वंश झा, प्रो. डॉ. आर्य शेखर ठाकुर, अधिवक्ता चंदा ठाकुर, अखिल झा, संजय झा,हीरा कान्त ठाकुर, साधन कृष्ण मोहम्मद उस्मान, मोहम्मद बबलू,युवराज यादव, सहित दर्जनों ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन एवं बिहार सरकार के भवन निर्माण मंत्री से विद्यालय की चारदीवारी एवं नये भवन निर्माण की मांग की है।
ग्रामीणों ने कहा कि अनुमंडल मुख्यालय के बीचों-बीच स्थित इस विद्यालय का जल्द जीर्णोद्धार होना चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

