
पूर्णिया:-20 मई(राजेश कुमार झा)ऑनलाइन दवा की बिक्री के खिलाफ भारत बंद का अच्छा खासा असर देखा गया.परिजन अपने मरीज को लेकर दिन भर धूप में दवा के लिए घूमते रहे,लेकिन दवा नहीं मिली.स्थिति ऐसी बन गई कि दवा नहीं मिलने की वजह से डॉक्टर भी मरीज देखना कम कर दिए.सिर्फ जानकारी नहीं होने की वजह से मरीज और परिजन दोनों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी.बताते चलें कि भारत में चल रहे दवा की ऑनलाइन बिक्री के विरुद्ध देश भर के दवा दुकानदारों ने एक दिन की हड़ताल रखी थी.जिसको लेकर पूरे देश के दवा कारोबारी ने अपनी प्रतिष्ठान को बंद रखा था.जिसका असर पूर्णिया में भी देखा गया.पूर्णिया जिले में भी दवा कारोबारियों ने आज अपनी दुकानें बंद रखी थी.जिसको लेकर तकरीबन 20 करोड़ से अधिक का व्यवसाय ठप रहा. बताते चलें कि बिहार में दवा की सबसे बड़ी 5 मंडियों में शुमार पूर्णिया में आज दवा दुकानदारों का अच्छा खासा हड़ताल देखा गया.कोसी सीमांचल की सबसे बड़ी दवा मंडी कहे जानी वाली पूर्णिया का लाइन बाजार में आज पूरा दिन सन्नाटा देखा गया. जानकारी नहीं होने वजह से दूर-दराज से आए मरीज और उनके परिजन दोनों परेशान रहे.रौटा थानाक्षेत्र से आए मरीज के परिजन मो0 इरशाद ने बताया कि हमलोग डॉक्टर को दिखा लिए,लेकिन दवा नहीं मिलने से हमलोग घर भी नहीं जा पा रहे है.मरीज की हालत भी बहुत अच्छी नहीं है. लाइन बाजार में ऐसे कई मरीज भटकते देखे गए.जो दवा के लिए दिनभर भटकते रहे.पिछले 22 सालों से दवा का कारोबार करने वाले दवा व्यवसायी ने बताया कि लाइन बाजार जैसी मंडी में तकरीबन 10 हजार से अधिक दवा के कारोबारी है.जहां हर दिन तकरीबन 20 करोड़ से अधिक का व्यवसाय होता है.

