मुंबई 28 अगस्त (अशोक “अश्क”) गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। इसका मुख्य कारण अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ को माना जा रहा है, जिसका सीधा असर ओपनिंग ट्रेडिंग पर देखने को मिला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी दोनों ही लाल निशान में खुले और शुरुआती घंटे में ही बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

सेंसेक्स अपने पिछले बंद 80,786.54 अंक की तुलना में 80,754 पर खुला और कुछ ही मिनटों में 657.33 अंक की गिरावट के साथ 80,124 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी ने भी अपने पिछले बंद 24,712.05 की तुलना में कमजोरी के साथ 24,695.80 पर ओपनिंग की और फिर 200 अंक टूटकर 24,512 पर पहुंच गया।
हालांकि शुरुआती एक घंटे की भारी गिरावट के बाद बाजार में कुछ रिकवरी देखने को मिली। सुबह 10:40 बजे के आसपास सेंसेक्स में गिरावट घटकर 216 अंक रह गई, जबकि निफ्टी भी सिर्फ 60 अंक नीचे कारोबार करता नजर आया।
शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव आईटी, टेक और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों पर देखा गया। HCL टेक, इंफोसिस, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई जैसे दिग्गज शेयरों में गिरावट आई।
HCL टेक 2.30% टूटा
पावरग्रिड 1.50% नीचे
सनफार्मा 1.40% गिरा
टीसीएस 1.30% फिसला
एचडीएफसी बैंक 1.25% कमजोर हुआ
मिडकैप कंपनियों में एमक्योर (3.10%), फर्स्टक्राई (2.70%) और भारती हेक्सा (2.55%) जैसी कंपनियों के शेयरों में गिरावट रही। स्मॉलकैप स्टॉक्स में कैमलिन फाइन और केआईटेक्स के शेयर 5% तक फिसले।
शेयर बाजार खुलते ही 1458 कंपनियों के शेयर अपने पिछले बंद के मुकाबले गिरावट में खुले, जबकि 1023 स्टॉक्स ग्रीन जोन में रहे। 195 शेयरों की ओपनिंग फ्लैट रही।
गिरावट के बीच भी कुछ शेयरों में मजबूती दिखी। एशियन पेंट्स का शेयर 1.30% चढ़ा, वहीं जोमैटो की पैरेंट कंपनी एटरनल शेयर 1.10% ऊपर ट्रेड कर रहा था।
ओलेक्ट्रा ग्रीन 2.90% चढ़ा
यूनो मिंडा और कल्याण ज्वेलर्स के शेयरों में करीब 1% उछाल
आरवीएनएल और पेटीएम भी ग्रीन जोन में रहे
महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, टेक महिंद्रा, बीईएल, रिलायंस और भारती एयरटेल जैसे दिग्गज स्टॉक्स शुरुआती कारोबार में कमजोर नजर आए। मिडकैप कैटेगरी में मैक्स हेल्थ, ग्लैंडफार्मा और एसजेवीएन के स्टॉक्स भी गिरावट में रहे।
ट्रंप के नए टैरिफ का असर फिलहाल बाजार की चाल पर हावी है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक बाजार में उतार-चढ़ाव बने रह सकते हैं। इसलिए निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें।

