नई दिल्ली, 7 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) एक बार फिर विवादों में घिर गया है। इस बार मामला अंडर-19 टीम में एक ऐसे खिलाड़ी के चयन का है, जिसे कथित तौर पर एक वरिष्ठ डीडीसीए अधिकारी के कहने पर बैकअप विकेटकीपर के तौर पर टीम में शामिल किया गया, जबकि उसने कभी विकेटकीपिंग नहीं की।

एक रिपोर्ट के अनुसार, 3 अक्टूबर को वीनू मांकड़ ट्रॉफी के लिए 23 सदस्यीय टीम का चयन हुआ था। लेकिन 22वें खिलाड़ी के चयन पर सवाल खड़े हुए, जिससे डीडीसीए पदाधिकारियों ने अध्यक्ष रोहन जेटली से शिकायत की। आरोप है कि चयनकर्ताओं पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने उस खिलाड़ी को चुनने के लिए दबाव डाला था।

जैसे ही यह मामला रोशन में आया, जेटली ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उस खिलाड़ी को टीम से बाहर कर दिया और उसकी जगह एक विशेषज्ञ विकेटकीपर को 9 अक्टूबर से रांची में होने वाले टूर्नामेंट के लिए टीम में शामिल किया गया।
इसके साथ ही कुछ अन्य खिलाड़ियों को भी टीम से बाहर किया गया, जिनमें एक को फर्जी दस्तावेजों के चलते निकाला गया है।
यह विवाद उस समय सामने आया है जब डीडीसीए सचिव अशोक शर्मा ने रणजी और अंडर-23 चयन बैठक में तीन निदेशकों की मौजूदगी पर आपत्ति जताते हुए अध्यक्ष को पत्र लिखा था। शर्मा का कहना है कि निदेशक चयन प्रक्रिया का हिस्सा नहीं हो सकते।

