बक्सर, 9 सितंबर (विक्रांत) डुमरांव नगर परिषद द्वारा स्क्वायर फीट के आधार पर होल्डिंग टैक्स वसूली के खिलाफ नागरिकों का आक्रोश अब सड़क पर उतर आया है। सोमवार से डुमरांव के सामाजिक मंच के बैनर तले अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया है। धरने का आयोजन नगर परिषद के पुराने कार्यालय के सामने किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में शहर के प्रबुद्ध नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

धरना का नेतृत्व सामाजिक मंच के संयोजक और ‘दिशा’ संस्था से जुड़े प्रदीप शरण ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुसाफिर सिंह ने की जबकि संचालन अमित कुमार ने संभाला। धरने में राजद नेता अखिलेश कुमार, ललन सिंह, संजीव कुमार और रामजी प्रसाद सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए।
धरनार्थियों ने नगर परिषद प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह वर्ष 2016 से कर निर्धारण की प्रक्रिया को कानूनी ढंग से लागू नहीं कर रहा है। उनके अनुसार, नगर परिषद द्वारा वर्गफुट के आधार पर की जा रही टैक्स वसूली न केवल अनुचित है, बल्कि यह नगर विकास एवं आवास विभाग के 30 दिसंबर 2013 के आदेश का उल्लंघन भी है।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि नगर परिषद मोबाइल मैसेज के माध्यम से संपत्ति कुर्क करने और बैंक खाता फ्रीज करने जैसी धमकियां दे रही है, जो लोकतंत्र के खिलाफ है। सामाजिक मंच ने 3 नवंबर 2023 को नगर प्रशासन को 28 सूत्री मांग पत्र सौंपा था, लेकिन अब तक उस पर कोई जवाब नहीं मिला।
धरने में यह भी कहा गया कि परिषद का रवैया तानाशाही वाला है और वह नागरिकों की आर्थिक लूट कर रही है। जब तक होल्डिंग टैक्स वसूली में पारदर्शिता और न्यायसंगत नीति नहीं अपनाई जाती तथा पूर्व की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा।
धरनार्थियों ने चेतावनी दी कि अगर नगर परिषद ने स्थिति नहीं सुधारी तो डुमरांव के नागरिक शांतिपूर्ण लेकिन सशक्त लोकतांत्रिक आंदोलन को तेज करेंगे। उन्होंने मांग की कि वर्गफुट आधारित टैक्स प्रणाली को तत्काल वापस लिया जाए और पूर्व आदेशों के अनुसार टैक्स निर्धारण प्रक्रिया लागू की जाए।

